Delhi: राजधानी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में पुलिस ने एक बड़े फर्जी डिग्री रैकेट को पकड़ा है। यह गिरोह ‘महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ के नाम पर लोगों को पिछली तारीख की फर्जी मा
Delhi: राजधानी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में पुलिस ने एक बड़े फर्जी डिग्री रैकेट को पकड़ा है। यह गिरोह ‘महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ के नाम पर लोगों को पिछली तारीख की फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां बेच रहा था। पुलिस ने इस मामले में सात जालसाजों को गिरफ्तार किया है और 28 अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
कैसे काम करता था यह फर्जी डिग्री गिरोह?
यह गिरोह बहुत ही शातिराना तरीके से अपना काम कर रहा था। ये लोग Work India जैसे ऐप के जरिए टेलीकॉलर रखते थे। थर्ड पार्टी से कंपनियों के कर्मचारियों का डेटा निकालकर उन्हें फोन किया जाता था। टेलीकॉलर खुद को संस्थान का फैकल्टी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे और उन्हें बैकडेटेड डिग्री दिलाने का लालच देते थे। डेटा रखने के लिए ये लोग Google Excel का इस्तेमाल करते थे और जाली मार्कशीट WhatsApp के जरिए भेजते थे।
पुलिस छापेमारी में क्या-क्या मिला?
गोविंदपुरी पुलिस ने रविदास मार्ग स्थित एक फ्लैट पर छापेमारी की। वहां से पुलिस ने भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और सामान बरामद किया है। बरामद सामान की लिस्ट नीचे दी गई है:
| बरामद सामान |
मात्रा/विवरण |
| नकद राशि |
2.79 लाख रुपये |
| मोबाइल फोन |
31 यूनिट |
| लैपटॉप |
2 यूनिट |
| प्रिंटर |
2 यूनिट (डिग्री छापने के लिए) |
| अन्य |
वाई-फाई राउटर, खाली प्रमाण पत्र और रजिस्टर |
कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या है कानूनी कार्रवाई?
साउथ ईस्ट के एडिशनल डीसीपी जसबीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में संजीव कुमार मौर्य, जनक नेउपाने, किशन कुमार, विक्की कुमार झा, आशीष थपलियाल, आकाश कुमार और संजय आर्य शामिल हैं। ये सभी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। गोविंदपुरी थाने में बीएनएस की धारा 318 (4)/3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरी कार्रवाई में एसीपी वीकेपीएस यादव और एसएचओ हरनीत सिंह सूडान की टीम शामिल थी।