Delhi: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के Govindpuri इलाके में एक महिला और उसके 13 साल के बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इस मामले में आरोपी सौरभ साहू को गिरफ्तार कर लिया है, जो मृतका शारदा साहू का चचेरा भाई था. पुलिस
Delhi: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के Govindpuri इलाके में एक महिला और उसके 13 साल के बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इस मामले में आरोपी सौरभ साहू को गिरफ्तार कर लिया है, जो मृतका शारदा साहू का चचेरा भाई था. पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए डिजिटल सबूतों और घर की बारीकियों का सहारा लिया.
पुलिस को कैसे हुआ शक और कैसे पकड़ा आरोपी?
जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि घर का दरवाजा जबरन नहीं तोड़ा गया था और लिविंग रूम में नाश्ता रखा हुआ था. इससे पुलिस को लगा कि कातिल कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे परिवार जानता था. पुलिस ने पीड़ितों के WhatsApp के आखिरी मैसेज के समय (timestamp) को चेक किया, जिससे हत्या के सही समय का पता चला. इसके बाद CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें सौरभ साहू की पहचान हुई.
हत्या की वजह और मुठभेड़ की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, सौरभ नशे का आदी था और आपराधिक गतिविधियों में शामिल था. शारदा उसे बार-बार इन कामों से रोकने की कोशिश करती थी, जिससे नाराज होकर सौरभ ने इस वारदात को अंजाम दिया. वारदात के बाद घर से 10 लाख रुपये कैश और जेवर भी गायब थे. पुलिस ने Tughlakabad Extension के पास एक मुठभेड़ के बाद सौरभ को पकड़ा, जिसमें उसके पैर में गोली लगी. इस दौरान सब-इंस्पेक्टर यशपाल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई.
आरोपी का पुराना रिकॉर्ड और बरामदगी
पकड़े गए आरोपी सौरभ साहू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. वह पहले भी चोरी और लूटपाट जैसे कम से कम चार मामलों में शामिल था. पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल, खाली और जिंदा कारतूस और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं. इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व IPS प्रोबेशनर हरनीत सिंह और ACP kalkaji VKPS यादव की देखरेख में किया गया.
Frequently Asked Questions (FAQs)
गोविंदपुरी डबल मर्डर केस में मुख्य आरोपी कौन है?
इस मामले में मुख्य आरोपी सौरभ साहू है, जो मृतक शारदा साहू का चचेरा भाई था. पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने आरोपी तक पहुँचने के लिए किन सबूतों का इस्तेमाल किया?
पुलिस ने घर में रखे नाश्ते, जबरन एंट्री न होने और WhatsApp के आखिरी मैसेज के टाइमस्टैम्प का इस्तेमाल किया, जिससे CCTV फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान हुई.