Delhi के कोचिंग संस्थानों को सरकार का अल्टीमेटम, एक महीने में सुरक्षा मानक पूरे नहीं किए तो होंगे सील

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर के सभी कोचिंग सेंटर्स के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि सभी संस्थान एक महीने के भीतर सुरक्षा नियमों का पालन करें, वरना उन्हें सील कर दिया जाएगा। यह कदम

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर के सभी कोचिंग सेंटर्स के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि सभी संस्थान एक महीने के भीतर सुरक्षा नियमों का पालन करें, वरना उन्हें सील कर दिया जाएगा। यह कदम छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के हादसे को रोका जा सके।

यह फैसला लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद लिया गया है। सरकार अब कोचिंग संस्थानों की मनमानी रोकने के लिए हाईकोर्ट समिति की सिफारिशों के आधार पर एक नया कानून लाने जा रही है। इस कानून में अग्नि सुरक्षा, बिल्डिंग की मजबूती और इमरजेंसी एग्जिट जैसे कड़े प्रावधान होंगे। अगले तीन महीनों में यह नया कानून लागू हो सकता है।

सुरक्षा को लेकर सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें रखी हैं जिन्हें पूरा करना हर संस्थान के लिए अनिवार्य होगा:

सुरक्षा मानक अनिवार्य आवश्यकता
फायर सेफ्टी Delhi Fire Service से NOC लेना और ऑडिट रिपोर्ट गेट पर लगाना जरूरी होगा
उपकरण वर्किंग फायर एक्सटिंगुइशर, स्मोक डिटेक्टर और अलार्म सिस्टम लगाना होगा
बिल्डिंग उपयोग केवल व्यावसायिक अनुमति वाली इमारतों में ही कोचिंग चल सकेंगे
बेसमेंट नियम बेसमेंट में किसी भी तरह की क्लास चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा
छात्र क्षमता एक कमरे या तय क्षेत्र में छात्रों की संख्या की सीमा तय की जाएगी
निकास द्वार आपातकालीन निकास द्वार (Emergency Exit) का होना अनिवार्य है

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चेतावनी दी है कि छात्रों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने छात्रों से भी अपील की है कि अगर उनके कोचिंग सेंटर में सुरक्षा की कमी है, तो वे इसकी शिकायत ईमेल, मैसेज या फोन के जरिए सरकार तक पहुंचाएं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी कहा है कि छात्रों की जान सबसे पहले है। अब उच्च शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली एक कमेटी इन संस्थानों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। दिल्ली में करीब 924 पंजीकृत कोचिंग संस्थान हैं, जिन्हें अब इन नियमों का पालन करना होगा।