Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को टेक्नोलॉजी के मामले में आगे ले जाने के लिए दो नए AI Centres of Excellence (AI-CoEs) खोलने जा रही है। इस पहल का मकसद शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देना और यु
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को टेक्नोलॉजी के मामले में आगे ले जाने के लिए दो नए AI Centres of Excellence (AI-CoEs) खोलने जा रही है। इस पहल का मकसद शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देना और युवाओं को नई तकनीक सिखाना है। इस प्रोजेक्ट के जरिए दिल्ली को एक बड़े AI हब के रूप में विकसित किया जाएगा जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके मिलेंगे।
इन सेंटर्स से युवाओं को क्या फायदा होगा?
सरकार के इस प्लान से अगले चार सालों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। इन सेंटर्स के जरिए 7,000 से ज्यादा लोगों को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, 1,000 से ज्यादा नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे और करीब 100 नए AI स्टार्टअप्स को मदद मिलेगी। इससे दिल्ली के युवा नए आइडियाज पर काम कर सकेंगे और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
फंडिंग और पार्टनरशिप का क्या है मॉडल?
हर सेंटर के लिए 20 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस बजट को 40:40:20 के मॉडल पर बांटा गया है, जिसमें Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY), दिल्ली सरकार और इंडस्ट्री या एकेडमिक पार्टनर अपना हिस्सा देंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट MeitY के IndiaAI मिशन के तहत चलाया जाएगा। इसमें Netaji Subhas University of Technology (NSUT) और Guru Gobind Singh Indraprastha University (GGSIPU) जैसे संस्थान शामिल हैं।
आम जनता और गवर्नेंस पर क्या असर पड़ेगा?
दिल्ली के IT मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इन सेंटर्स का मकसद सिर्फ ट्रेनिंग देना नहीं है, बल्कि गवर्नेंस में AI का इस्तेमाल करना भी है। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी और पब्लिक सर्विस डिलीवरी यानी जनता तक पहुंचने वाली सुविधाएं और बेहतर होंगी। यह कदम दिल्ली में निवेश को आकर्षित करेगा और एक ऐसा वर्कफोर्स तैयार करेगा जो भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में AI सेंटर्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इन सेंटर्स का मकसद युवाओं को AI की ट्रेनिंग देना, स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना और सरकारी कामकाज में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर उसे बेहतर बनाना है।
इन सेंटर्स के लिए फंड कहाँ से आएगा?
प्रत्येक सेंटर के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट है, जो MeitY, दिल्ली सरकार और इंडस्ट्री पार्टनर्स के बीच 40:40:20 के अनुपात में बांटा गया है।