Delhi: राजधानी दिल्ली में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार दो AI Centers of Excellence (AI-CoEs) खोलने जा रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Rekha Gupta के मार्गदर्शन में यह कदम उठाया गया है। इससे द
Delhi: राजधानी दिल्ली में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार दो AI Centers of Excellence (AI-CoEs) खोलने जा रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Rekha Gupta के मार्गदर्शन में यह कदम उठाया गया है। इससे दिल्ली में इनोवेशन और स्टार्टअप्स के माहौल को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खुलेंगे।
इन सेंटर्स से आम लोगों और युवाओं को क्या फायदा होगा?
इन सेंटर्स का मुख्य मकसद एआई के क्षेत्र में कुशल प्रोफेशनल्स तैयार करना है। आने वाले चार सालों में यहाँ लगभग 7,000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी और 1,000 से ज्यादा नए रोजगार के मौके पैदा होंगे। साथ ही, 90 से 100 स्टार्टअप्स को यहाँ पूरा सहयोग मिलेगा ताकि वे असल दुनिया की समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान निकाल सकें।
कहाँ बनेंगे ये सेंटर और कितना होगा खर्च?
ये दोनों सेंटर Netaji Subhas University of Technology (NSUT) और Guru Gobind Singh Indraprastha University (GGSIPU), Dwarka में बनाए जाएंगे। इनके लिए बजट और फंडिंग का पूरा ब्यौरा नीचे दिया गया है:
| विवरण |
जानकारी |
| प्रति सेंटर लागत |
20 करोड़ रुपये |
| फंडिंग मॉडल |
MeitY (40%), दिल्ली सरकार (40%), इंडस्ट्री/अकादमिक पार्टनर (20%) |
| मिशन का नाम |
IndiaAI Mission |
| कुल मिशन बजट |
10,372 करोड़ रुपये (5 साल के लिए) |
सरकारी कामकाज में कैसे आएगा बदलाव?
दिल्ली आईटी मंत्री Dr. Pankaj Kumar Singh ने बताया कि इन सेंटर्स के जरिए गवर्नेंस में AI का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और काम करने की रफ्तार बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा दिल्ली के नागरिकों को मिलेगा क्योंकि सरकारी सेवाएं ज्यादा आसान और जवाबदेह बनेंगी।