Delhi: मुख्यमंत्री श्रीमती Rekha Gupta के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी के युवाओं के लिए टेक और इनोवेशन के क्षेत्र में बड़े अवसर लाने जा रही है। सरकार शहर में 2 नए Artificial Intelligence Centres of Excellence (AI-CoE
Delhi: मुख्यमंत्री श्रीमती Rekha Gupta के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी के युवाओं के लिए टेक और इनोवेशन के क्षेत्र में बड़े अवसर लाने जा रही है। सरकार शहर में 2 नए Artificial Intelligence Centres of Excellence (AI-CoEs) खोलने की तैयारी कर रही है। इस पहल का मकसद दिल्ली को AI का बड़ा हब बनाना और युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ना है।
AI सेंटर्स से युवाओं को क्या फायदा होगा?
इन सेंटर्स के जरिए दिल्ली के हजारों युवाओं को आधुनिक तकनीक सीखने का मौका मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को एडवांस AI ट्रेनिंग दी जाए ताकि वे दुनिया की नई चुनौतियों का सामना कर सकें। इससे न केवल पढ़ाई-लिखाई में मदद मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
- 7000 से ज्यादा युवाओं को एडवांस AI ट्रेनिंग दी जाएगी।
- 1000 से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- लगभग 100 स्टार्टअप्स को इन सेंटर्स से मदद और सपोर्ट मिलेगा।
कितना होगा निवेश और कौन करेगा मदद?
इन सेंटर्स को बनाने के लिए भारी निवेश किया जा रहा है। हर एक AI-CoE पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे MeitY के IndiaAI Mission के तहत शुरू किया जाएगा। इसमें सरकार और इंडस्ट्री के बीच साझेदारी होगी ताकि छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल अनुभव भी मिल सके।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल निवेश (प्रति सेंटर) |
₹20 करोड़ |
| फंडिंग मॉडल |
MeitY (40%), दिल्ली सरकार (40%), पार्टनर (20%) |
| संभावित पार्टनर |
NSUT और GGSIPU जैसी यूनिवर्सिटी |
| मुख्य उद्देश्य |
गवर्नेंस में AI का इस्तेमाल और पब्लिक सर्विस में सुधार |
आईटी मंत्री ने क्या कहा?
दिल्ली के IT मंत्री Pankaj Kumar Singh ने बताया कि इन सेंटर्स का मुख्य उद्देश्य कुशल AI प्रोफेशनल तैयार करना है। इससे दिल्ली में बाहरी निवेश बढ़ेगा और शहर की टेक इमेज मजबूत होगी। साथ ही, सरकारी कामकाज में AI का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे आम जनता को सरकारी सेवाएं और भी आसानी और पारदर्शिता से मिल सकेंगी।