Delhi: दिल्ली सरकार पूर्वी दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (RGSSH) और दिल्ली स
Delhi: दिल्ली सरकार पूर्वी दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (RGSSH) और दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) को मिलाकर एक स्वायत्त संस्थान बनाने का ऐलान किया है। इसे ‘AIIMS फॉर ईस्ट दिल्ली’ के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य मकसद दिल्ली को चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च का एक बड़ा केंद्र बनाना है ताकि मरीजों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
किन अस्पतालों का होगा विलय और क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार की योजना के तहत जीटीबी अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को एक साथ जोड़कर ‘दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ नाम दिया जा सकता है। इस मर्जर के पीछे मुख्य कारण संसाधनों और बेड का सही इस्तेमाल करना है।
- GTB अस्पताल में 1,400 बेड की क्षमता है, लेकिन वहां क्षमता से अधिक मरीज आते हैं।
- RGSSH में 650 बेड हैं, जिनमें से लगभग 400 बेड खाली रहते हैं।
- इन अस्पतालों की दूरी एक-दूसरे से महज एक से दो किलोमीटर है, जिससे इनका तालमेल आसान होगा।
- मरीजों की सुविधा के लिए अस्पतालों के बीच एक अंडरग्राउंड टनल बनाने का भी प्रस्ताव है।
मर्जर से मेडिकल सीटों और इलाज पर क्या असर पड़ेगा?
इस एकीकरण के बाद डॉक्टरों और विशेषज्ञों की तैनाती बेहतर ढंग से हो सकेगी और मेडिकल सीटों में बड़ी बढ़ोतरी होगी। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने इस संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें भी की हैं।
| विशेषता |
मर्जर के बाद का प्लान |
| RGSSH अस्पताल |
कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और यूरोलॉजी पर रहेगा ध्यान |
| DSCI संस्थान |
कैंसर केयर और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी का मुख्य केंद्र होगा |
| GTB अस्पताल |
ऑर्थोपेडिक, ईएनटी और जनरल सर्जरी जैसी सुविधाएं बढ़ेंगी |
| PG सीटें |
रेडियोलॉजी (22), पैथोलॉजी (26) और एनेस्थीसिया (48) तक बढ़ सकती हैं |
इसके अलावा इहबास (IHBAS) को भी मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइंसेज के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। संस्थान के भविष्य के विस्तार के लिए इहबास 75 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगा। करीब 40 साल पुराने जीटीबी अस्पताल को भी आधुनिक बनाया जाएगा, जिसमें नया ट्रॉमा ब्लॉक और आईसीयू बिल्डिंग बनाने की योजना शामिल है।