Delhi: दिल्ली सरकार शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को राजधानी के लोगों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कई नई सुविधाएं शुरू करने जा रही है। इसमें सबसे बड़ा कदम डीटीसी (DTC) के बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ना है। इस पहल से
Delhi: दिल्ली सरकार शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को राजधानी के लोगों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कई नई सुविधाएं शुरू करने जा रही है। इसमें सबसे बड़ा कदम डीटीसी (DTC) के बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ना है। इस पहल से शहर में प्रदूषण कम होगा और लोगों को सफर करने में आसानी होगी।
नई इलेक्ट्रिक बसों में क्या होगा खास
सरकार द्वारा शामिल की जा रही ये सभी बसें लो-फ्लोर और वातानुकूलित (AC) हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए इनमें कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं:
- बसों में CCTV कैमरे और पैनिक बटन लगाए गए हैं।
- रीयल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा मिलेगी।
- दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुलभता सुविधाएं दी गई हैं।
बसों की संख्या और भविष्य का लक्ष्य
इन 200 नई बसों के आने के बाद दिल्ली का कुल बस बेड़ा लगभग 6,300 हो जाएगा। अब दिल्ली के पास देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा है। सरकार का लक्ष्य इसे और बढ़ाना है:
| विवरण |
संख्या/लक्ष्य |
| कुल बसें (वर्तमान) |
लगभग 6,300 |
| इलेक्ट्रिक वाहन (EV) |
4,538 |
| CNG बसें |
1,759 |
| 2028-29 तक का लक्ष्य |
14,000 बसें |
दूसरे राज्यों के लिए नई बस सेवाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर
दिल्ली सरकार अब अंतर्राज्यीय कनेक्टिविटी पर भी जोर दे रही है। दिल्ली और रोहतक के बीच एक नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा, दिल्ली को बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान से जोड़ने के लिए 17 रूटों पर 50 इलेक्ट्रिक AC बसें चलाने की योजना है।
यात्रियों की सुविधा के लिए मदनपुर खादर (कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन के पास) में एक नया बस टर्मिनल बनाया गया है। साथ ही, पूर्वी विनोद नगर डिपो में एक आधुनिक प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी 17 अप्रैल को किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों के लिए शहर के 44 डिपो में चार्जिंग सिस्टम लगाया जा चुका है।