Delhi: राजधानी की सड़कों पर अंधेरे वाले कोनों यानी डार्क स्पॉट्स को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब सड़कों पर लगी पुरानी लाइटों की जगह स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इस सिस्टम की खास बात यह ह
Delhi: राजधानी की सड़कों पर अंधेरे वाले कोनों यानी डार्क स्पॉट्स को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब सड़कों पर लगी पुरानी लाइटों की जगह स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इस सिस्टम की खास बात यह होगी कि लाइट खराब होते ही कंट्रोल रूम को पता चल जाएगा और उसे तुरंत ठीक किया जा सकेगा।
स्मार्ट एलईडी लाइट प्रोजेक्ट की मुख्य बातें क्या हैं
दिल्ली सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 473 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत PWD की सड़कों पर लगी लगभग 96,000 पुरानी सोडियम वेपर और पुरानी एलईडी लाइटों को बदलकर स्मार्ट एलईडी लगाया जाएगा। साथ ही, उन जगहों पर 5,000 नए पोल भी लगाए जाएंगे जहां अभी रोशनी नहीं पहुंचती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रस्ताव को 2026-27 के बजट में रखा था और लक्ष्य है कि यह काम दिवाली से पहले पूरा हो जाए।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कैसे करेगा काम
नई प्रणाली में एक सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (CCC) बनाया जाएगा। यह सेंटर हर स्ट्रीट लाइट की रियल टाइम निगरानी करेगा। पहले क्या होता था कि जब कोई नागरिक शिकायत करता था, तब सरकार को पता चलता था कि लाइट खराब है, लेकिन अब खराब लाइट का सिग्नल तुरंत कंट्रोल रूम में मिलेगा। इसके अलावा, जरूरत के हिसाब से रोशनी की तीव्रता को 90% तक कम या ज्यादा भी किया जा सकेगा।
आम जनता को इससे क्या फायदा होगा
इस पहल का मुख्य मकसद दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित बनाना है। डार्क स्पॉट खत्म होने से महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेगी और रात के समय होने वाले सड़क हादसों में कमी आएगी। साथ ही, इस स्मार्ट सिस्टम के लागू होने से सरकार को हर साल बिजली बिल में करीब 25 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है। यह पूरा प्रोजेक्ट जून 2023 में बनी स्मार्ट स्ट्रीटलाइट नीति के तहत लागू किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में कितनी स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट एलईडी में बदला जाएगा
PWD की सड़कों पर लगभग 96,000 पुरानी लाइटों को स्मार्ट एलईडी में बदला जाएगा और 5,000 नए पोल भी लगाए जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट पर कुल कितना खर्च आएगा
दिल्ली सरकार ने इस परियोजना के लिए कुल 473 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।