दिल्ली: दिल्ली सरकार ने शहर के लाखों गिग वर्कर्स और मजदूरों के लिए एक बड़ी राहत भरी योजना का ऐलान किया है। अब डिलीवरी पार्टनर्स और दिहाड़ी मजदूरों को सड़कों पर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार पूरे शहर में खास रेस्टिंग स
दिल्ली: दिल्ली सरकार ने शहर के लाखों गिग वर्कर्स और मजदूरों के लिए एक बड़ी राहत भरी योजना का ऐलान किया है। अब डिलीवरी पार्टनर्स और दिहाड़ी मजदूरों को सड़कों पर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार पूरे शहर में खास रेस्टिंग सेंटर और जन सुविधा केंद्र बनाने जा रही है, जिन्हें सीधे अटल कैंटीन से जोड़ा जाएगा। इससे मेहनत करने वाले लोगों को एक ही जगह पर सस्ता खाना, आराम करने की जगह और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं मिल जाएंगी।
इन रेस्टिंग सेंटर्स पर वर्कर्स को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इन केंद्रों को बनाने का मुख्य मकसद गिग वर्कर्स और मजदूरों को सम्मानजनक माहौल देना है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि इन केंद्रों पर मजदूरों के बैठने और सुस्ताने के लिए पर्याप्त जगह होगी। यहां बने जन सुविधा केंद्रों में साफ-सफाई और पानी का पूरा इंतजाम रहेगा। सबसे खास बात यह है कि इन्हें अटल कैंटीन से लिंक किया गया है, जिससे वर्कर्स को किफायती दरों पर नाश्ता और खाना मिल सकेगा। दिल्ली में लगभग 13 लाख गिग वर्कर्स हैं जिन्हें इस फैसले से सीधा लाभ होगा।
प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए क्या हैं नए निर्देश?
दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की 35वीं बोर्ड बैठक में इस योजना को हरी झंडी दे दी गई है। काम में देरी न हो इसके लिए DUSIB के CEO की वित्तीय खर्च करने की सीमा को 3 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बोर्ड को आदेश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द ऐसी जगहों की पहचान करे जहां ये सेंटर बनाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि गिग वर्कर्स के सुझावों के आधार पर ही इस पॉलिसी को तैयार किया गया है।
अटल कैंटीन के समय और सुविधाओं में क्या हुआ बदलाव?
मजदूरों की सुविधा को देखते हुए अटल कैंटीन के समय में भी बदलाव किया गया है ताकि काम के बीच उन्हें सही समय पर भोजन मिल सके। सरकार ने निम्नलिखित व्यवस्था तय की है:
| सुविधा का नाम |
नया समय/विवरण |
| दोपहर का भोजन |
सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक |
| रात का भोजन |
शाम 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक |
| बफर टाइम |
सर्विस शुरू होने से 30 मिनट पहले तैयारी |
| मुख्य लाभार्थी |
गिग वर्कर्स, दिहाड़ी मजदूर और बेघर लोग |
यह पूरी योजना दिल्ली बजट 2026-27 का हिस्सा है, जिसकी घोषणा मार्च में की गई थी। अब DUSIB इन साइट्स को नोटिफाई करने की प्रक्रिया शुरू करेगा ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। गिग और प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।