Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की सड़कों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स पर रहने वाले करीब 288 बेघर लोगों को रेस्क्यू किया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि इस मुहिम में Apna Ghar Ashram और Seva Bharati का साथ मिला है।
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की सड़कों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स पर रहने वाले करीब 288 बेघर लोगों को रेस्क्यू किया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि इस मुहिम में Apna Ghar Ashram और Seva Bharati का साथ मिला है। इन लोगों को सुरक्षित ठिकाना, खाना और जरूरी देखभाल मुहैया कराई गई है ताकि कोई भी लाचार व्यक्ति सड़कों पर न रहे।
रेस्क्यू अभियान कैसे चलाया गया और कौन शामिल था
इस खास ‘Seva & Rescue Campaign’ की शुरुआत मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने 11 मई 2026 को की थी। यह अभियान 11 से 15 मई तक दिल्ली के सभी 13 जिलों में चलाया गया। सोशल वेलफेयर मिनिस्टर Ravinder Indraj Singh ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस काम के लिए 19 एम्बुलेंस, 10 सपोर्ट गाड़ियां और करीब 150 स्टाफ और वॉलंटियर्स ने दिन-रात काम किया।
किन्हें दी गई प्राथमिकता और अब आगे क्या होगा
रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले उन लोगों की मदद की जो गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, टीबी और एड्स से जूझ रहे थे। साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों को प्राथमिकता दी गई। इन सभी को Apna Ghar Ashram ले जाया गया, जहां उनके इलाज और रहने का इंतजाम है। सरकार कोशिश कर रही है कि जिन्हें उनके परिवार से मिलाया जा सकता है, उन्हें घर भेजा जाए, बाकी लोगों की देखभाल आश्रम में ही होगी।
मदद के लिए क्या इंतजाम किए गए
इस पूरे काम को आसान बनाने के लिए सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक ‘One Window System’ बनाया गया है। यह सिस्टम 24 घंटे काम करता है ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन और कल्याणकारी सेवाओं में कोई देरी न हो। Apna Ghar Ashram में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग सुविधाएं हैं और यहां कुल 500 लोगों के रहने की जगह उपलब्ध है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेस्क्यू किए गए लोगों को कहाँ रखा गया है?
रेस्क्यू किए गए सभी बेघर और बीमार लोगों को Apna Ghar Ashram ले जाया गया है, जहाँ उन्हें भोजन, चिकित्सा सहायता और रहने की सुरक्षित जगह दी जा रही है।
इस अभियान में किन लोगों को प्राथमिकता दी गई?
अभियान के दौरान गंभीर बीमारियों (जैसे कैंसर, टीबी, एड्स) से पीड़ित व्यक्तियों, दिव्यांगों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर रेस्क्यू किया गया।