Delhi में प्राइवेट स्कूल खोलना होगा आसान, सरकार ने हटाया Essentiality Certificate, अब Self-Certification से मिलेगा काम

Delhi: दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब नए प्राइवेट स्कूल खोलने के लिए जरूरी ‘Essentiality Certificate’ की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

Delhi: दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब नए प्राइवेट स्कूल खोलने के लिए जरूरी ‘Essentiality Certificate’ की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब स्कूलों को ‘Self-Certification’ यानी खुद से घोषणा पत्र देना होगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार, 18 जुलाई 2026 को इस बदलाव को मंजूरी दी।

इस नए नियम के आने से अब स्कूलों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर यह साबित नहीं करना होगा कि उस इलाके में स्कूल की जरूरत है या नहीं। पहले Delhi School Education Act and Rules (DSER), 1973 के नियम 44 (3) और नियम 50 (ii) के तहत सरकार यह तय करती थी कि किसी खास इलाके में स्कूल खोलना जरूरी है या नहीं। अब इन नियमों को हटा दिया गया है।

अब मान्यता चाहने वाले स्कूल खुद यह प्रमाणित करेंगे कि वे RTE Act, 2009 के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल की बिल्डिंग, सुरक्षा, शिक्षकों की योग्यता और छात्रों और शिक्षकों का सही अनुपात जैसे मानक शामिल होंगे। साथ ही, दिल्ली में आबादी के दबाव को देखते हुए स्कूल के लिए जरूरी न्यूनतम जमीन के नियमों में भी ढील दी गई है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि इस कदम का मकसद कागजी कार्रवाई को कम करना है ताकि पूरा ध्यान बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य शिक्षकों पर रहे। उन्होंने कहा कि अब मान्यता का आधार सरकारी अधिकारियों की राय के बजाय तय मानकों और नियमों पर होगा। वहीं, कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस फैसले की आलोचना भी की है। उनका कहना है कि इससे शिक्षा का निजीकरण बढ़ सकता है और सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर असर पड़ सकता है।