Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच बिजली की किल्लत से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। बिजली मंत्री Ashish Sood ने बताया कि शहर के बिजली ढांचे में बड़े सुधार किए गए हैं, जिससे इस साल तापमान 4
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच बिजली की किल्लत से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। बिजली मंत्री Ashish Sood ने बताया कि शहर के बिजली ढांचे में बड़े सुधार किए गए हैं, जिससे इस साल तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने के बावजूद बड़ी बिजली कटौती नहीं हुई है। सरकार अब एक बड़े मास्टर प्लान पर काम कर रही है ताकि आने वाले समय में बिजली की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
बिजली व्यवस्था में क्या सुधार हुए और क्या हैं आंकड़े
इस साल दिल्ली की बिजली मांग में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। 25 मई 2026 को दिल्ली में 168 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई, जो पिछले साल इसी दिन 110 मिलियन यूनिट थी। राहत की बात यह है कि पिछले साल जहां दो घंटे से ज्यादा की कटौती की 147 घटनाएं हुई थीं, वहीं इस साल ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। मई के महीने में ही 8,439 मेगावाट की अधिकतम मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
पावर मास्टर प्लान और मिशन 2030 के मुख्य लक्ष्य
सरकार ने बिजली वितरण को बेहतर बनाने के लिए ‘पावर मास्टर प्लान’ तैयार किया है। इसका लक्ष्य 2030 तक हर नागरिक को बिना रुकावट के सस्ती और सुरक्षित बिजली देना है। इस योजना के तहत मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- अगले चार सालों में बुनियादी ढांचे के लिए लगभग ₹17,000 करोड़ का निवेश होगा।
- प्रति उपभोक्ता सालाना बिजली कटौती को 3 से घटाकर 1 से कम करने का लक्ष्य है।
- बिजली गुल होने पर उसे ठीक करने के समय को 45 मिनट से घटाकर 30 मिनट से कम किया जाएगा।
- सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के बिजली नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा और तारों को जमीन के नीचे (underground) किया जाएगा।
- 2030 तक बिजली की मांग 11,000 मेगावाट और 2031 तक 13,114 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
बिजली मंत्री Ashish Sood के अनुसार, दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती संख्या, चार्जिंग स्टेशन और दिल्ली मेट्रो के विस्तार की वजह से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने माना कि पुराने समय में निवेश कम होने की वजह से नेटवर्क पर दबाव था, जिसे अब ठीक किया जा रहा है। इसके अलावा, दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड के 2027-32 के बिजनेस प्लान में ट्रांसमिशन ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹7,795 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली सरकार के पावर मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका लक्ष्य 2030 तक हर नागरिक को 24×7 विश्वसनीय और किफायती बिजली देना है। इसके लिए ₹17,000 करोड़ का निवेश कर बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जाएगा और बिजली कटौती को न्यूनतम किया जाएगा।
क्या इस साल दिल्ली में बिजली कटौती कम हुई है?
हाँ, बिजली मंत्री के अनुसार इस साल तापमान बढ़ने के बावजूद कोई बड़ी बिजली कटौती नहीं हुई है। पिछले साल की तुलना में, जहाँ 147 बार दो घंटे से अधिक की कटौती हुई थी, इस साल ऐसी कोई घटना नहीं हुई।