Delhi में धूल प्रदूषण कम करने के लिए सरकार की नई योजना, 20 करोड़ खर्च कर निजी एजेंसी कराएगी सड़कों की सफाई

Delhi: दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले धूल प्रदूषण से निपटने के लिए एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस योजना का मुख्य मकसद सड़कों पर जमी धूल और गंदगी को साफ कर हवा की क्वालिटी में सुधार लाना है। इसके

Delhi: दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले धूल प्रदूषण से निपटने के लिए एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस योजना का मुख्य मकसद सड़कों पर जमी धूल और गंदगी को साफ कर हवा की क्वालिटी में सुधार लाना है। इसके लिए सरकार करीब 20 करोड़ रुपये खर्च करेगी और काम की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को सौंपी जाएगी।

Public Works Department (PWD) के अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट फिलहाल South West Road Division-1 में लागू किया गया है। इसमें कुल 12.75 किलोमीटर लंबी सड़कों को शामिल किया गया है। यह निजी एजेंसी सिर्फ सड़कों की सफाई ही नहीं करेगी, बल्कि टूटे हुए फुटपाथों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट का रखरखाव भी संभालेगी।

इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सड़कों को तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। कैटेगरी A में मोती बाग से दिल्ली कैंट, आश्रम से मूलचंद अस्पताल और अरबिंदो मार्ग जैसे महत्वपूर्ण हिस्से शामिल हैं, जिनकी लंबाई करीब 5.05 किलोमीटर है। वहीं कैटेगरी B में 2.95 किलोमीटर और कैटेगरी C में 4.75 किलोमीटर की सड़कें रखी गई हैं।

सरकार इस काम के लिए निजी एजेंसी को सालाना 20.21 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। अगर यह मॉडल सफल रहता है और इससे प्रदूषण कम होता है, तो दिल्ली सरकार इसे पूरे शहर की 1400 किलोमीटर लंबी सड़कों तक विस्तार देगी।