Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में खंडित मूर्तियों को सम्मानजनक तरीके से विसर्जित और रीसायकल करने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया है। अक्सर देखा जाता है कि पुरानी या खंडित मूर्तियों को लोग सड़कों के किनारे, पेड
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में खंडित मूर्तियों को सम्मानजनक तरीके से विसर्जित और रीसायकल करने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया है। अक्सर देखा जाता है कि पुरानी या खंडित मूर्तियों को लोग सड़कों के किनारे, पेड़ों के नीचे या नदी किनारे छोड़ देते हैं। इससे न केवल लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि गंदगी और पर्यावरण की समस्या भी बढ़ती है।
क्या है दिल्ली सरकार की नई योजना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 19 मई 2026 को इस पहल की घोषणा की। सरकार अब पूरे शहर में खास कलेक्शन सेंटर बनाएगी, जहां लोग अपनी पुरानी या खंडित मूर्तियां जमा कर सकेंगे। इन केंद्रों पर मूर्तियों को इकट्ठा करने के बाद उन्हें वैज्ञानिक तरीके से रीसायकल किया जाएगा और फिर उन्हें उपयोगी चीजों में बदला जाएगा।
आम लोगों पर क्या होगा असर और सरकार की अपील
इस कदम से दिल्ली के पार्कों, सड़कों और नदियों के किनारों पर मूर्तियों का ढेर नहीं लगेगा, जिससे शहर साफ और सुंदर दिखेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे ‘विकसित दिल्ली’ की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है। उन्होंने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर दिल्लीवासियों से सुझाव मांगे हैं कि ये कलेक्शन सेंटर किन जगहों पर होने चाहिए ताकि आम जनता को आसानी हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
खंडित मूर्तियों के लिए सरकार क्या इंतजाम कर रही है?
दिल्ली सरकार शहर में विशेष संग्रह केंद्र (Collection Centers) स्थापित करेगी, जहां मूर्तियों को जमा कर वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से रीसायकल किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था की घोषणा कब और किसने की?
इस योजना की घोषणा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 19 मई 2026 को की थी।