Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी के कोचिंग सेंटर्स को रेगुलेट करने के लिए एक नई और बड़ी पॉलिसी तैयार कर रही है। यह कदम जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए उस हादसे के बाद उठाया गया है, जिसमें बेसमेंट में पानी भरने से तीन
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी के कोचिंग सेंटर्स को रेगुलेट करने के लिए एक नई और बड़ी पॉलिसी तैयार कर रही है। यह कदम जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए उस हादसे के बाद उठाया गया है, जिसमें बेसमेंट में पानी भरने से तीन यूपीएससी छात्रों की मौत हो गई थी। अब सरकार फीस से लेकर बिल्डिंग की सुरक्षा तक हर चीज के लिए कड़े नियम बनाएगी ताकि छात्रों की जान जोखिम में न पड़े।
नए नियमों में क्या-क्या बदलाव होंगे?
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 11 जून 2026 को एक मीटिंग की, जिसमें कोचिंग संस्थानों के लिए एक ढांचा तैयार किया गया। अब कोचिंग सेंटर्स की मनमानी फीस पर लगाम लगाने के लिए पारदर्शिता के नियम आएंगे। इसके अलावा, बेसमेंट के इस्तेमाल पर पाबंदी होगी और फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम करने होंगे। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग और मदद की व्यवस्था करना भी अनिवार्य होगा।
कौन करेगा इन नियमों की निगरानी?
इस पूरी प्रक्रिया के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय के निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नियमों को लागू करने के लिए एक खास कमेटी बनेगी, जिसमें MCD, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। यह पॉलिसी जस्टिस आर.के. गौबा समिति की सिफारिशों और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर आधारित होगी।
हादसों के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई?
राजेंद्र नगर हादसे और साकेत में बिल्डिंग गिरने जैसी घटनाओं के बाद सरकार काफी सख्त हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, 28 जुलाई 2024 से 8 फरवरी 2026 के बीच दिल्ली में करीब 370 लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर्स को सील किया गया है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई जारी है और अब नियमित निरीक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी संस्थान नियमों का उल्लंघन न करे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियम क्यों लाए जा रहे हैं?
जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर में बेसमेंट में डूबने से 3 छात्रों की मौत और साकेत बिल्डिंग हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये नियम लाए जा रहे हैं।
नए नियमों में मुख्य रूप से किन बातों पर जोर दिया गया है?
मुख्य जोर फीस की पारदर्शिता, फायर सेफ्टी, बेसमेंट के उपयोग पर रोक, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग और नियमित निरीक्षण पर दिया गया है।