Delhi: दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में अब काम करने का तरीका बदलने वाला है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta के निर्देश पर सभी विभागों में बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद दफ्तरों में अनुशासन लाना और समय की पा
Delhi: दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में अब काम करने का तरीका बदलने वाला है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta के निर्देश पर सभी विभागों में बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद दफ्तरों में अनुशासन लाना और समय की पाबंदी सुनिश्चित करना है ताकि आम जनता के काम समय पर पूरे हो सकें।
बायोमेट्रिक हाजिरी के नए नियम क्या हैं?
Administrative Reforms विभाग ने इस संबंध में एक नया सर्कुलर जारी किया है। अब केवल छोटे कर्मचारी ही नहीं, बल्कि Additional Chief Secretaries, Principal Secretaries, Secretaries और Heads of Departments जैसे बड़े अधिकारियों को भी बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी हाजिरी लगानी होगी। पहले यह नियम केवल सचिव स्तर से नीचे के अधिकारियों के लिए था, लेकिन अब इसे सबके लिए लागू कर दिया गया है।
देरी से आने वालों पर क्या होगा असर?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ कर दिया है कि समय की पाबंदी में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान किए गए सरप्राइज निरीक्षण में कई अधिकारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले थे, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। अब जो कर्मचारी लेट आएंगे या जल्दी दफ्तर छोड़कर जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और उन्हें कारण बताओ नोटिस (show-cause notice) जारी किया जाएगा।
दफ्तरों का समय और रिपोर्टिंग सिस्टम
GRAP के नियम हटने के बाद अब दफ्तरों में पुराने समय के अनुसार काम होगा। वरिष्ठ अधिकारियों की हाजिरी रिपोर्ट रोजाना Chief Secretary को भेजी जाएगी और महीने की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री के पास जाएगी।
| विभाग/दफ्तर |
समय (Timing) |
| MCD ऑफिस |
सुबह 9:00 से शाम 5:30 बजे तक |
| GNCTD ऑफिस |
सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक |