Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी में कुष्ठ रोग (Leprosy) को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब इस बीमारी को ‘नोटिफ़िएबल डिजीज’ घोषित किया जाएगा, जिसका मतलब है कि शहर के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी में कुष्ठ रोग (Leprosy) को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब इस बीमारी को ‘नोटिफ़िएबल डिजीज’ घोषित किया जाएगा, जिसका मतलब है कि शहर के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में अगर कोई केस मिलता है, तो उसकी जानकारी सरकार को देना जरूरी होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव भेज दिया है, जिस पर उपराज्यपाल (LG) की मंजूरी का इंतजार है।
क्यों लिया गया यह फैसला और क्या होगा असर
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि इस कदम से उन मरीजों की पहचान हो सकेगी जो अब तक छिपे हुए थे। अक्सर लोग शर्म या डर की वजह से प्राइवेट क्लीनिक में इलाज कराते हैं और सरकार को इसकी खबर नहीं मिलती। एक स्टडी में सामने आया है कि करीब 44% मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराते हैं, जिससे सरकारी डेटा अधूरा रह जाता है। अब सभी प्राइवेट डॉक्टरों और क्लीनिकों को हर नए केस की जानकारी जिला कुष्ठ रोग अधिकारी (District Leprosy Officer) को देनी होगी।
इलाज और सरकार का लक्ष्य क्या है
इस नए नियम के बाद मरीजों की जल्दी पहचान होगी और उन्हें समय पर मुफ्त इलाज मिल सकेगा। सरकारी केंद्रों पर मल्टी-ड्रग थेरेपी (MDT) के जरिए इसका मुफ्त इलाज उपलब्ध है। भारत सरकार का लक्ष्य 2027 तक इस बीमारी के प्रसार को रोकना और 2030 तक इसे पूरी तरह खत्म करना है। दिल्ली के अलावा तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी कुष्ठ रोग को पहले ही नोटिफ़िएबल डिजीज घोषित कर दिया है।
WHO की सलाह और नियम की प्रक्रिया
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने भी निगरानी बढ़ाने के लिए इसे अनिवार्य रिपोर्टिंग लिस्ट में शामिल करने की सलाह दी है। यह नोटिफिकेशन दिल्ली गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी एक्ट, 1991 के तहत जारी किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य संस्थानों को रिपोर्टिंग के विस्तृत दिशा-निर्देश भेज देगा ताकि निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नोटिफ़िएबल डिजीज (Notifiable Disease) का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि जब किसी मरीज में यह बीमारी पाई जाती है, तो डॉक्टर या अस्पताल के लिए यह कानूनी रूप से जरूरी होता है कि वह इसकी सूचना सरकारी स्वास्थ्य विभाग को दे।
कुष्ठ रोग का इलाज कैसे होगा?
कुष्ठ रोग का इलाज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मल्टी-ड्रग थेरेपी (MDT) के जरिए पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है।