Delhi: राजधानी की हवा को साफ करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक नया और आधुनिक तरीका अपनाया है। शुक्रवार, 8 मई 2026 को सरकार ने ‘Road Radar’ प्रोग्राम की शुरुआत की। इस सिस्टम का मकसद सड़कों पर होने वाले प्रदूषण की
Delhi: राजधानी की हवा को साफ करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक नया और आधुनिक तरीका अपनाया है। शुक्रवार, 8 मई 2026 को सरकार ने ‘Road Radar’ प्रोग्राम की शुरुआत की। इस सिस्टम का मकसद सड़कों पर होने वाले प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी करना है ताकि धूल और गंदगी को तुरंत साफ किया जा सके।
Road Radar क्या है और यह कैसे काम करेगा?
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा शुरू किए गए इस प्रोग्राम के तहत 13 सर्वेक्षकों की टीम तैनात की गई है। ये सर्वेक्षक GPS वाली बाइक पर सवार होकर दिल्ली के 13 जिलों की करीब 18,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का दौरा करेंगे। हर सर्वेक्षक को रोजाना कम से कम 20 किलोमीटर सड़क कवर करनी होगी। वे MCD-311 मोबाइल ऐप के जरिए प्रदूषण फैलाने वाले पॉइंट्स की फोटो खींचकर भेजेंगे और हर दिन कम से कम 70 समस्याओं की रिपोर्ट करेंगे।
किन चीजों पर रहेगी नजर और कौन करेगा कार्रवाई?
यह सिस्टम मुख्य रूप से 11 तरह के प्रदूषण स्रोतों को ट्रैक करेगा। इसमें कच्ची सड़कों की धूल, टूटे फुटपाथ, गड्ढे, सड़क किनारे बिखरी रेत, अनियंत्रित पार्किंग, कचरे के ढेर, प्लास्टिक या कूड़ा जलाना, निर्माण सामग्री का मलबा और खाली जमीन शामिल हैं। जैसे ही किसी इलाके में प्रदूषण की समस्या मिलेगी, उसकी जानकारी संबंधित एजेंसी जैसे MCD, NDMC, PWD या दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को दी जाएगी, जिन्हें इसे तुरंत ठीक करना होगा।
पर्यावरण मंत्री ने क्या कहा?
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने बताया कि साफ हवा की यह लड़ाई अब गली-गली और सड़क-सड़क लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि इस वैज्ञानिक सिस्टम से अब विभागों की जवाबदेही तय होगी और रिपोर्टिंग रियल-टाइम होगी। मंत्री खुद समय-समय पर इस काम की समीक्षा करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सड़कों से धूल कम हो रही है और हवा की गुणवत्ता में सुधार आ रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Road Radar प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली की सड़कों पर धूल और अन्य प्रदूषण फैलाने वाले हॉटस्पॉट्स की रियल-टाइम पहचान करना और उन्हें तुरंत ठीक करवाकर हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
इस अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
इस अभियान को DPCC संचालित कर रहा है, जबकि सुधार के काम की जिम्मेदारी MCD, NDMC, PWD और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड जैसी सड़क मालिक एजेंसियों की होगी।