Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और रिसर्च का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी में है। इसके लिए 19 अप्रैल 2026 को एक खास ‘Delhi Semiconductor Policy’ का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू किया गया है। इस
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और रिसर्च का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी में है। इसके लिए 19 अप्रैल 2026 को एक खास ‘Delhi Semiconductor Policy’ का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू किया गया है। इस कदम का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को आगे बढ़ाना और दिल्ली में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
नई पॉलिसी के मुख्य बिंदु क्या हैं?
इस पॉलिसी को पांच बड़े स्तंभों पर तैयार किया जा रहा है, जिससे चिप डिजाइन, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिले। इसमें असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) जैसे कामों के साथ-साथ स्टार्टअप्स को भी मदद दी जाएगी। सरकार बिजनेस को आसान बनाने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय मदद देगी, जिसमें कैपिटल सब्सिडी और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सहायता शामिल होगी।
युवाओं को कैसे मिलेगा फायदा और कौन से संस्थान जुड़ेंगे?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, इस पॉलिसी से चिप डिजाइन और एडवांस पैकेजिंग जैसे हाई-वैल्यू सेक्टर में अच्छी क्वालिटी की नौकरियां मिलेंगी। इसके लिए दिल्ली के कई बड़े शिक्षण संस्थान मिलकर काम करेंगे। इनमें मुख्य रूप से ये संस्थान शामिल हैं:
| संस्थान का नाम |
भूमिका |
| IIT Delhi, NIT Delhi, IIIT Delhi |
टैलेंट डेवलपमेंट और रिसर्च |
| DTU, NSUT, JNU |
तकनीकी शिक्षा और ट्रेनिंग |
| IGDTUW, VIPS, DV2JS Innovation LLP |
स्किलिंग और इनोवेशन |
कंपनियों और निवेशकों के लिए क्या होगा खास?
यह पॉलिसी इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के साथ तालमेल बिठाकर बनाई जा रही है ताकि निवेशकों का भरोसा बढ़े। सरकार का लक्ष्य है कि फैबलेस सेमीकंडक्टर कंपनियां, स्टार्टअप्स और OSAT यूनिट्स दिल्ली की ओर आकर्षित हों। इससे न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि लोकल लेवल पर टेस्टिंग और पैकेजिंग से जुड़ी सहायक इंडस्ट्रीज को भी मजबूती मिलेगी।