Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हालत जानने के लिए एक बड़ा सर्वे शुरू करने जा रही है। इस Annual Survey of Industries (ASI) के जरिए यह देखा जाएगा कि शहर में उद्योग कैसे बढ़ रहे हैं और उन्हें किन द
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हालत जानने के लिए एक बड़ा सर्वे शुरू करने जा रही है। इस Annual Survey of Industries (ASI) के जरिए यह देखा जाएगा कि शहर में उद्योग कैसे बढ़ रहे हैं और उन्हें किन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस सर्वे का मुख्य मकसद दिल्ली के औद्योगिक ढांचे को बेहतर बनाना और नए रोजगार के मौके पैदा करना है।
यह सर्वे कब होगा और इसमें क्या जानकारी देनी होगी?
यह सर्वे अप्रैल 2026 से शुरू होकर सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़े इकट्ठे किए जाएंगे। दिल्ली की रजिस्टर्ड फैक्ट्रियों और कंपनियों को अपनी संपत्ति, कर्ज, कर्मचारियों की संख्या, मजदूरी और उत्पादन से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी। यह काम Collection of Statistics Act, 2008 के तहत किया जा रहा है, इसलिए जानकारी देना कानूनी रूप से जरूरी होगा।
सर्वे से आम लोगों और कारोबारियों को क्या फायदा होगा?
सरकार इस सर्वे के जरिए एक ऐसा डेटाबेस तैयार करेगी जिससे सही नीतियां बनाई जा सकें। इससे इंडस्ट्री के लिए लाइसेंसिंग, बुनियादी सुविधाओं और मजदूरों के कल्याण से जुड़े फैसले लेना आसान होगा। साथ ही, उन औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जो पिछड़ रहे हैं, ताकि वहां सुधार किया जा सके और बिजनेस को बढ़ावा मिले।
कौन से विभाग और नियम इस प्रक्रिया को संभालेंगे?
इस पूरे काम की जिम्मेदारी Directorate of Economics and Statistics की होगी। एलजी ने इसके लिए स्टैटिस्टिक्स ऑफिसर और अन्य अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| सर्वे की अवधि |
अप्रैल से सितंबर 2026 |
| डाटा का साल |
वित्तीय वर्ष 2024-25 |
| शामिल इकाइयां |
Factories Act, Companies Act और Shops Act के तहत रजिस्टर्ड यूनिट्स |
| मुख्य उद्देश्य |
रोजगार बढ़ाना और औद्योगिक विकास |
| कानूनी आधार |
Collection of Statistics Act, 2008 |