Delhi: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को सुधारने के लिए विधानसभा ने सख्त रुख अपनाया है। CAG की हेल्थ ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई कमियों के बाद अब विधानसभा ने अधिकारियों को 31 जुलाई 2026 तक एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR)
Delhi: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को सुधारने के लिए विधानसभा ने सख्त रुख अपनाया है। CAG की हेल्थ ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई कमियों के बाद अब विधानसभा ने अधिकारियों को 31 जुलाई 2026 तक एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करने का निर्देश दिया है। इस ऑडिट में 2016 से 2022 के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और सेवाओं के प्रबंधन की जांच की गई थी। अब सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राजधानी के आम लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
CAG ऑडिट में क्या कमियां सामने आईं और मरीजों पर क्या असर पड़ा?
कैग की रिपोर्ट में दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां पाई गई हैं। ऑडिट के अनुसार अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और उनकी गुणवत्ता एक बड़ी समस्या रही है। सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) की विफलता के कारण अस्पतालों को खुद ही 33 से 47 प्रतिशत दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ीं। इसके अलावा कई ऐसी दवाएं भी मरीजों को बांट दी गईं जिनकी गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उन्हें इस्तेमाल कर लिया गया था, जो बाद में घटिया पाई गईं।
- स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की करीब 21 प्रतिशत कमी पाई गई है।
- मोहल्ला क्लीनिकों में बुनियादी सुविधाओं और जरूरी मेडिकल उपकरणों का अभाव मिला।
- प्राइवेट अस्पतालों में गरीब मरीजों के लिए आरक्षित बेड का इस्तेमाल सिर्फ 28.7 प्रतिशत ही हो पाया।
- अस्पतालों की परियोजनाओं में भारी देरी हुई और बजट का पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया।
सुधार के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं और आगे की क्या योजना है?
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि ऑडिट रिपोर्ट का मकसद व्यवस्था में सुधार लाना है ताकि हर नागरिक को इलाज का अधिकार मिले। विधानसभा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे सुधारों की वर्तमान स्थिति 30 जून 2026 तक स्पष्ट करें और पूरी रिपोर्ट जुलाई के अंत तक सौंप दें। स्वास्थ्य विभाग ने भी भरोसा दिया है कि दवाओं की लिस्ट को हर साल अपडेट किया जाएगा और खरीद प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बनाया जाएगा।
| मुख्य कदम |
विवरण और समय सीमा |
| एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) |
31 जुलाई 2026 तक जमा करनी होगी |
| दवाओं की सूची (EDL) |
अब इसे हर साल अपडेट किया जाएगा |
| स्टेट फॉर्मुलरी |
अगले 6 महीने के भीतर तैयार करने का लक्ष्य |
| CPA का सुधार |
दवाओं की खरीद और सप्लाई चैन को दुरुस्त करना |