Delhi: राजधानी में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने Heat Wave Action Plan 2026 को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में एक बड़ी बैठक कर सभी विभागों को अलर्ट पर र
Delhi: राजधानी में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने Heat Wave Action Plan 2026 को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में एक बड़ी बैठक कर सभी विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य साल 2030 तक हीटवेव से होने वाली मौतों की संख्या को शून्य पर लाना है। IMD ने 28 अप्रैल तक तापमान बढ़ने की चेतावनी जारी की है।
स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में क्या तैयारी है?
गर्मी से बीमार होने वाले लोगों की मदद के लिए 339 से ज्यादा हेल्थ सेंटर्स पर जरूरी दवाइयां, ORS और आइस पैक पहुंचा दिए गए हैं। शहर के 30 से अधिक अस्पतालों में खास ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं ताकि मरीजों को तुरंत राहत मिल सके। आपातकालीन स्थिति के लिए 330 एम्बुलेंस 24 घंटे तैनात रहेंगी और उनके स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
स्कूलों और मजदूरों के लिए क्या नए नियम आए हैं?
सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 2 मई तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी कि उन्होंने सुरक्षा नियमों का पालन किया है या नहीं। बच्चों को पानी पीने की याद दिलाने के लिए स्कूलों में ‘वॉटर बेल सिस्टम’ शुरू किया गया है, जिसमें हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजेगी। धूप के समय आउटडोर एक्टिविटी और असेंबली बंद रहेगी। वहीं, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के लिए काम के समय में बदलाव किया गया है और उन्हें छांव, पानी और ORS देने के आदेश दिए गए हैं।
शहर में पानी और कूलिंग के क्या इंतजाम हुए हैं?
आम जनता को राहत देने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने शहर भर में 11,000 से ज्यादा कूलिंग पॉइंट्स और 1,900 से ज्यादा वॉटर कूलर लगाए हैं। कई जगहों पर वॉटर एटीएम भी शुरू किए गए हैं। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा ताकि वे तेज धूप से बच सकें और पर्याप्त पानी पीते रहें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम क्या है?
यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजाई जाएगी ताकि छात्रों को समय-समय पर पानी पीने की याद रहे और वे डिहाइड्रेशन से बच सकें।
हीटवेव से निपटने के लिए अस्पतालों में क्या खास सुविधा दी गई है?
30 से ज्यादा अस्पतालों में ‘कूल रूम’ तैयार किए गए हैं और 339 हेल्थ सेंटर्स पर जरूरी दवाइयां और मेडिकल सप्लाइज की व्यवस्था की गई है।