Delhi: दिल्ली की हरियाली को बचाने के लिए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने ‘Humari Delhi, Humari Zimmedari’ कैंपेन के तहत एक बड़ी पहल की है। अब अगर शहर में कहीं भी अवैध तरीके से पेड़ काटे जाते दिखें, तो नागरिक इसकी
Delhi: दिल्ली की हरियाली को बचाने के लिए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने ‘Humari Delhi, Humari Zimmedari’ कैंपेन के तहत एक बड़ी पहल की है। अब अगर शहर में कहीं भी अवैध तरीके से पेड़ काटे जाते दिखें, तो नागरिक इसकी शिकायत सीधे सरकार से कर सकते हैं। इसके लिए एक खास टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है ताकि दिल्ली के ग्रीन कवर को सुरक्षित रखा जा सके।
पेड़ काटने की शिकायत कैसे और कहां करें
दिल्ली सरकार ने अवैध पेड़ कटाई रोकने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-118-600 शुरू किया है। यह नंबर 1 फरवरी 2026 से पूरी तरह चालू है। लोग इस नंबर के अलावा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
शिकायत मिलने पर क्या होगा एक्शन
वन और वन्यजीव विभाग ने इसके लिए एक नया SOP लागू किया है, जो Delhi Preservation of Trees Act, 1994 के सेक्शन 33 के तहत काम करेगा। जैसे ही हेल्पलाइन पर शिकायत आएगी, एक Quick Response Team (QRT) मौके पर पहुंचेगी। यह टीम मौके से जियो-टैग फोटो और वीडियो जैसे सबूत जुटाएगी और अवैध काम को तुरंत रुकवाएगी। अधिकारियों के पास अब उपकरण जब्त करने और कानूनी कार्रवाई करने के पूरे अधिकार हैं।
सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और नियम
दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि पेड़ों की अवैध कटाई के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। बीट ऑफिसर और ट्री ऑफिसर को निर्देश दिए गए हैं कि वे कानून का सख्ती से पालन कराएं। इस पूरे सिस्टम को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में अवैध पेड़ कटाई की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है
अवैध पेड़ कटाई की शिकायत के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-118-600 है। नागरिक इस नंबर या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत करने के बाद विभाग क्या कार्रवाई करेगा
शिकायत मिलते ही Quick Response Team (QRT) मौके पर जाएगी, सबूत जुटाएगी और अवैध कटाई को रुकवाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा कानूनी कार्रवाई और उपकरण जब्ती की प्रक्रिया शुरू होगी।