Delhi: देश की राजधानी को कंक्रीट के जंगल से निकालकर हरियाली की ओर ले जाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे हरित बजट बताया है। इस योजना का मकसद शहर में
Delhi: देश की राजधानी को कंक्रीट के जंगल से निकालकर हरियाली की ओर ले जाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे हरित बजट बताया है। इस योजना का मकसद शहर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाना और लोगों को स्वस्थ वातावरण देना है।
पौधारोपण का लक्ष्य और नए जंगल कहां बनेंगे
सरकार ने अगले चार सालों में 35 लाख से ज्यादा स्वदेशी पौधे जैसे नीम, पीपल और बरगद लगाने का लक्ष्य रखा है। खास बात यह है कि केवल साल 2026-27 के लिए ही 70.82 लाख पौधे, झाड़ियां और बांस लगाने की योजना है। शहर में 15 नए नगर वन (Urban Forests) और 2 मियावाकी फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे।
| प्रकार |
स्थान/संख्या |
| मियावाकी फॉरेस्ट |
नजफगढ़ के पास खरखरी जटमल (6.02 एकड़) और जैनपुर (11.21 एकड़) |
| नगर वन (प्रमुख स्थल) |
सतबड़ी, मैदानगढ़ी, शाहपुर गढ़ी, अलीपुर, नरेला, रोहिणी (सेक्टर 31, 32) और अन्य |
| कुल पौधे (2026-27) |
70.82 लाख |
बजट कितना है और कौन करेगा निगरानी
इस पूरी योजना के लिए भारी बजट आवंटित किया गया है। वन विकास के लिए 130 करोड़ रुपये और वन्यजीव संरक्षण के लिए 44 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पूरे बजट का करीब 21.44 प्रतिशत हिस्सा हरित विकास के लिए रखा गया है। इस मिशन की देखरेख सेवानिवृत्त वन अधिकारी करेंगे ताकि काम सही ढंग से हो।
- सहयोगी विभाग: DDA, MCD, NDMC, PWD, NHAI, दिल्ली मेट्रो और जल बोर्ड जैसे 22 विभाग मिलकर काम करेंगे।
- पारदर्शिता: सभी डेटा ‘ग्रीन एक्शन प्लान’ पोर्टल पर अपलोड होगा और सैटेलाइट के जरिए इसकी जांच की जाएगी।
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- प्रदूषण नियंत्रण: एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर जैसे उपायों के लिए 300 करोड़ रुपये की अलग योजना शुरू की जा रही है।