Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में काम करने वाले गिग वर्कर्स, दिहाड़ी मजदूरों और झुग्गी में रहने वाले परिवारों के लिए कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में काम करने वाले गिग वर्कर्स, दिहाड़ी मजदूरों और झुग्गी में रहने वाले परिवारों के लिए कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में ये फैसले लिए गए। इसका मकसद गरीब और मेहनतकश लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
गिग वर्कर्स और मजदूरों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
दिल्ली सरकार अब पूरे शहर में गिग वर्कर्स और अस्थायी कर्मचारियों के लिए विशेष रेस्ट सेंटर और जन सुविधा केंद्र बनाएगी। ये केंद्र ‘अटल कैंटीन’ से जुड़े होंगे, जहाँ श्रमिक आराम कर सकेंगे और सस्ता व पौष्टिक खाना खा सकेंगे। यहाँ मोबाइल चार्जिंग, शौचालय और मूत्रालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके साथ ही, गिग वर्कर्स के हितों के लिए जल्द ही एक ‘गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड’ का गठन किया जाएगा।
झुग्गीवासियों को घर और अन्य सुविधाएं कैसे मिलेंगी?
सावदा-घेवरा इलाके में स्थित EWS फ्लैट्स में 717 झुग्गी परिवारों को घर देने का फैसला हुआ है। इसमें रेस कोर्स क्षेत्र की तीन बस्तियों और पहले से हटाई जा चुकी चार अन्य बस्तियों के परिवार शामिल हैं। सरकार पुनर्वास के लिए एक नई पॉलिसी पर भी काम कर रही है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और स्कूल जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। पात्रता की तारीख को 1 जनवरी 2015 से बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 करने पर विचार किया जा रहा है।
सरकारी मदद और बुनियादी ढांचे में क्या बदलाव हुए?
| सुविधा/कार्य |
विवरण |
| वित्तीय सहायता |
केंद्र सरकार द्वारा DUSIB को प्रति लाभार्थी 1,12,000 रुपये मिलेंगे |
| रखरखाव शुल्क |
लाभार्थियों को 3 महीने में 30,000 रुपये जमा करने होंगे |
| फ्लैट मरम्मत |
सुल्तानपुरी में 1060 और द्वारका सेक्टर 16-बी में 2000 मकान ठीक होंगे |
| भलस्वा प्रोजेक्ट |
7400 फ्लैट्स के पास सड़क, पार्क और सीवर सिस्टम बनेगा |
| अटल कैंटीन समय |
लंच: सुबह 10:30 से दोपहर 2:00, डिनर: शाम 6:00 से रात 9:30 |
| वित्तीय सीमा |
DUSIB CEO की मंजूरी सीमा 3 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की गई |