Delhi: दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के पानी को रिंग रोड और रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिससे अब मानसून के दौरान सड़कों पर
Delhi: दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के पानी को रिंग रोड और रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिससे अब मानसून के दौरान सड़कों पर पानी भरने और ट्रैफिक जाम होने की समस्या खत्म होगी। इस योजना का मुख्य मकसद निचले इलाकों को बाढ़ से बचाना और एक स्थायी समाधान निकालना है।
कहाँ बनेगी दीवार और क्या है पूरा प्लान?
सरकार मजनू का टीला से लेकर पुराने रेलवे ब्रिज तक लगभग 4.72 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाएगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दीवार का 850 मीटर हिस्सा कंक्रीट और सीमेंट से बनेगा, जबकि बाकी 3.879 किलोमीटर का हिस्सा ईंट और पत्थरों से तैयार किया जाएगा। इसका लक्ष्य सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे इलाकों को सुरक्षित रखना है।
कब तक पूरा होगा काम और कैसे लिया गया फैसला?
इस प्रोजेक्ट को अप्रैल 13-15, 2026 के आसपास मंजूरी मिली है और सरकार का लक्ष्य इसे 2027 के मानसून से पहले पूरा करना है। यह फैसला अगस्त 2024 में जॉइंट फ्लड कमेटी की एक तकनीकी रिपोर्ट के बाद लिया गया। इस रिपोर्ट में पुणे के केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र (CWPRS) के विशेषज्ञों ने डेटा विश्लेषण और हाइड्रोलिक मॉडल का इस्तेमाल किया था।
आम लोगों और पर्यावरण को क्या फायदा होगा?
- रिंग रोड पर यमुना का पानी नहीं आएगा, जिससे ट्रैफिक नहीं रुकेगा।
- निचले रिहायशी इलाकों में बाढ़ का खतरा कम होगा।
- नदी के किनारे होने वाली अवैध कचरा डंपिंग पर रोक लगेगी।
- यमुना के पारिस्थितिकी तंत्र और बाढ़ के मैदानों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।