Delhi: राजधानी में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। गृह मंत्री Ashish Sood ने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और रैन बसेरों में नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य
Delhi: राजधानी में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। गृह मंत्री Ashish Sood ने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और रैन बसेरों में नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आपातकालीन स्थिति में लोग घबराएं नहीं और समय पर सुरक्षित बाहर निकल सकें।
फायर सेफ्टी के लिए सरकार का क्या प्लान है
गृह मंत्री Ashish Sood ने 11 मई 2026 को दिल्ली फायर सर्विसेज के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें तय किया गया कि अब स्कूलों और अस्पतालों के साथ-साथ बाजारों में भी मॉक ड्रिल कराई जाएगी। इसके लिए RWA, बाजार संघ और सामाजिक संगठनों को साथ जोड़ा जाएगा ताकि आम लोगों को पता हो कि आग लगने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सभी सरकारी स्कूलों में बिल्डिंग ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं।
भविष्य की तैयारी और नए नियम
विवेक विहार अग्निकांड के बाद सरकार अब एक ‘फायर फाइटिंग मास्टर प्लान’ तैयार कर रही है। यह प्लान आने वाले 3, 15 और 25 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। मार्च 2026 में पालम की एक घटना के बाद अब कमर्शियल बिल्डिंग्स की थर्ड-पार्टी मैपिंग और ऑडिट भी किया जाएगा। सरकार लोगों को अपने घरों में स्प्रिंकलर और स्मोक डिटेक्टर जैसे आधुनिक उपकरण लगाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।
फायर विभाग में क्या सुधार होंगे
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि आग लगने की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड का रिस्पांस टाइम कम किया जाए। इसके लिए कमांड और कंट्रोल सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा और फायर कर्मियों को नई तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी। PWD सरकारी अस्पतालों और कोर्ट परिसर में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में फायर सेफ्टी ऑडिट कहां-कहां होगा
दिल्ली सरकार के निर्देशानुसार स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, रैन बसेरों और वाणिज्यिक इकाइयों (commercial units) में नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा।
फायर फाइटिंग मास्टर प्लान क्यों बनाया जा रहा है
विवेक विहार अग्निकांड जैसी घटनाओं को रोकने और भविष्य की 3, 15 व 25 वर्षों की जरूरतों को पूरा करने के लिए यह मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।