Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को सेमीकंडक्टर रिसर्च, डिजाइन और एडवांस पैकेजिंग का केंद्र बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक खास सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। इस कदम का मकसद दिल्ली में नए निवेश को ला
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को सेमीकंडक्टर रिसर्च, डिजाइन और एडवांस पैकेजिंग का केंद्र बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक खास सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। इस कदम का मकसद दिल्ली में नए निवेश को लाना, इनोवेशन को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के बेहतरीन मौके पैदा करना है।
नई पॉलिसी से दिल्ली के युवाओं को क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने 2026-27 के बजट में इस पॉलिसी का ऐलान किया था, जिसके लिए 1 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस पहल से चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर रिसर्च और एडवांस पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में अच्छी सैलरी वाली नौकरियां मिलेंगी। साथ ही, ट्रेनिंग प्रोग्राम, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री-अकाडेमिया पार्टनरशिप के जरिए युवाओं के कौशल को बढ़ाया जाएगा।
पॉलिसी के मुख्य बिंदु और फोकस एरिया क्या हैं?
दिल्ली सरकार उन हिस्सों पर ज्यादा ध्यान दे रही है जिनमें कम पैसा लगता है लेकिन उनकी वैल्यू ज्यादा होती है। इसमें मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:
- सेमीकंडक्टर डिजाइन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का विकास।
- रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन पर जोर।
- ATMP और OSAT जैसी मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट गतिविधियां।
- टैलेंट डेवलपमेंट और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना।
सरकार निजी निवेश को खींचने के लिए कैपिटल सब्सिडी, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और ऑपरेशनल लागत कम करने जैसे वित्तीय और गैर-वित्तीय फायदे देने का प्रस्ताव कर रही है।
केंद्र सरकार के मिशन और नेशनल विजन से कैसे जुड़ेगा यह कदम?
दिल्ली की यह पॉलिसी केंद्र सरकार के ‘Atmanirbhar Bharat’ विजन और India Semiconductor Mission (ISM) के साथ तालमेल बिठाकर बनाई जा रही है। भारत का लक्ष्य 2029 तक अपनी चिप डिमांड का 70-75% हिस्सा खुद पूरा करना है। केंद्र सरकार मई तक ISM 2.0 लाने की तैयारी में है, जिसका बजट 1 लाख करोड़ से 1.2 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।