Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को रिसर्च, डिजाइन और सेमीकंडक्टर चिप के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक नई सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। इस कदम से दिल्ली में निवेश बढ़े
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को रिसर्च, डिजाइन और सेमीकंडक्टर चिप के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक नई सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। इस कदम से दिल्ली में निवेश बढ़ेगा और पढ़े-लिखे युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतर मौके खुलेंगे। यह पूरी योजना केंद्र सरकार के India Semiconductor Mission के साथ मिलकर काम करेगी।
इस नई पॉलिसी में क्या खास होगा और किन चीजों पर रहेगा फोकस
दिल्ली सरकार की इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य दिल्ली को चिप डिजाइन और रिसर्च का केंद्र बनाना है। सरकार उन कामों पर ज्यादा जोर देगी जिनमें कम पैसा लगता है लेकिन दिमाग और तकनीक ज्यादा चाहिए होती है। इसमें भारी-भरकम फैक्ट्री लगाने के बजाय डिजाइनिंग और टेस्टिंग जैसे कामों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) का विकास करना।
- रिसर्च, डेवलपमेंट और नए इनोवेशन को बढ़ावा देना।
- ATMP और OSAT जैसी पैकेजिंग गतिविधियों को बढ़ावा देना।
- युवाओं को इस सेक्टर के लिए तैयार करने के लिए ट्रेनिंग और स्किलिंग देना।
- स्टार्टअप्स और औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत बनाना।
कंपनियों को क्या फायदे मिलेंगे और नौकरियों पर क्या असर होगा
पॉलिसी के तहत कंपनियों को बिजनेस करने में आसानी होगी। सरकार उन्हें वित्तीय मदद और अन्य सुविधाएं देने पर विचार कर रही है, जिससे उनके ऑपरेशनल खर्च कम होंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन से जुड़ा है। इससे चिप डिजाइन और एडवांस पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में हाई-क्वालिटी नौकरियां पैदा होंगी।
| मुख्य फोकस क्षेत्र |
उद्देश्य |
| डिजाइन और रिसर्च |
दिल्ली को ग्लोबल हब बनाना |
| इंसेंटिव्स |
कैपिटल सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट |
| टारगेट कंपनियां |
Fabless कंपनियां, स्टार्टअप्स और OSAT यूनिट्स |
| रोजगार |
हाई-प्रोफाइल और तकनीकी नौकरियां |