Delhi: दिल्ली सरकार ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) के छात्रों के लिए दो नए हॉस्टल बनाने का फैसला किया है। इसके लिए Expenditure Finance Committee की मीटिंग में 573.41 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत
Delhi: दिल्ली सरकार ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) के छात्रों के लिए दो नए हॉस्टल बनाने का फैसला किया है। इसके लिए Expenditure Finance Committee की मीटिंग में 573.41 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले पर मुहर लगाई है ताकि मेडिकल छात्रों को रहने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
नए हॉस्टल का खर्च और निर्माण की जानकारी क्या है?
सरकार ने छात्रों की जरूरतों को देखते हुए लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल कॉम्प्लेक्स बनाने का प्लान तैयार किया है। इन इमारतों में बेसमेंट और ऊपरी मंजिलें होंगी, साथ ही सिविल और इलेक्ट्रिकल काम भी किया जाएगा। जमीन पहले से ही उपलब्ध है, इसलिए काम जल्द शुरू हो सकेगा।
| हॉस्टल का प्रकार |
लोकेशन |
अनुमानित लागत |
| छात्राओं का हॉस्टल |
Site A |
269.19 करोड़ रुपये |
| छात्रों का हॉस्टल |
Site B |
304.22 करोड़ रुपये |
यह प्रोजेक्ट क्यों जरूरी था और कब तक पूरा होगा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि MAMC में हर साल आने वाले छात्रों की संख्या 150 से बढ़कर 250 हो गई है। पुराने हॉस्टल 1965 से 1982 के बीच बने थे, जो अब काफी पुराने हो चुके हैं और वहां जगह की कमी थी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य छात्रों के रहने की स्थिति सुधारना है ताकि वे अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे सकें।
- प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलने के 6 महीने के भीतर निर्माण शुरू होगा।
- प्लानिंग के लिए 6 महीने और निर्माण के लिए 30 महीने का समय तय किया गया है।
- कुल 36 महीनों में पूरा प्रोजेक्ट खत्म करने का लक्ष्य है।