Delhi: राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से लगी भीषण आग की घटनाओं के बाद सरकार अब बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने शहर को सुरक्षित बनाने के लिए अगले 25 साल का एक ‘फायरफाइटिंग मास्टर प्लान’ तैयार
Delhi: राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से लगी भीषण आग की घटनाओं के बाद सरकार अब बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने शहर को सुरक्षित बनाने के लिए अगले 25 साल का एक ‘फायरफाइटिंग मास्टर प्लान’ तैयार करने का ऐलान किया है। इस योजना का मकसद जान-माल के नुकसान को रोकना और फायर सर्विस को आधुनिक बनाना है।
मास्टर प्लान में क्या होगा और क्या बदलाव आएंगे?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर सभी संबंधित विभागों को 10 दिन के भीतर इस प्लान का ब्लूप्रिंट जमा करने को कहा है। सरकार अब फायर ब्रिगेड के लिए ज्यादा मैनपावर रखेगी, नए फायर स्टेशन खोलेगी और आधुनिक मशीनें खरीदेगी। इसके साथ ही Power Department को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिजली कनेक्शन देने में सावधानी बरतें और संवेदनशील इलाकों की नियमित जांच करें।
सुरक्षा नियमों में बदलाव और बजट का क्या है अपडेट?
दिल्ली सरकार अब फायर सेफ्टी नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिससे तीसरी पार्टी की एजेंसियां भी फायर सेफ्टी ऑडिट कर सकेंगी और NOC जारी कर सकेंगी। इससे Delhi Fire Service (DFS) का बोझ कम होगा और वे आपातकालीन सेवाओं पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। बजट की बात करें तो साल 2026-27 के लिए DFS का बजट 27% बढ़ाकर 674 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
आम जनता और कॉलोनियों के लिए क्या इंतजाम होंगे?
LG Taranjit Singh Sandhu ने फायर, PCR और एम्बुलेंस के लिए एक कॉमन कॉल सिस्टम शुरू करने का आदेश दिया है। साथ ही, अब रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल दुकानों पर भी सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। MCD को निर्देश दिए गए हैं कि वे अवैध निर्माण रोकें ताकि आग लगने पर फायर टेंडर आसानी से गलियों के अंदर जा सकें। लोगों को जागरूक करने के लिए कॉलोनियों में मॉक ड्रिल भी कराई जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली फायर सर्विस के बजट में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली फायर सर्विस (DFS) का बजट 27% बढ़ाकर 674 करोड़ रुपये कर दिया गया है, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जा सके।
फायर सेफ्टी NOC की प्रक्रिया में क्या बदलाव हो सकता है?
सरकार नियमों में बदलाव कर रही है जिससे प्रमाणित थर्ड-पार्टी एजेंसियां फायर सेफ्टी निरीक्षण कर सकेंगी और NOC जारी कर सकेंगी, जिससे प्रक्रिया तेज होगी।