Delhi: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने नजफगढ़ इलाके में 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTPs) लगाने के लिए करीब 860 करोड़ रुपये क
Delhi: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने नजफगढ़ इलाके में 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTPs) लगाने के लिए करीब 860 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस काम की शुरुआत हो चुकी है, जिससे बाहरी दिल्ली की करीब 120 अनधिकृत कॉलोनियों का गंदा पानी अब सीधे नदी में जाने के बजाय पहले साफ किया जाएगा।
इन 12 प्लांट से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इन नए प्लांट की कुल क्षमता 46.5 MGD होगी, जिससे बाहरी दिल्ली के गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले करीब सात लाख लोगों को फायदा मिलेगा। इसमें सबसे बड़ा प्लांट मित्रोन में बनेगा जिसकी क्षमता 17 MGD होगी और यह 81 कॉलोनियों और 3 गांवों की गंदगी को साफ करेगा। जल मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का सबसे बड़ा गंदा नाला है, और इन प्लांट के लगने से गंदा पानी स्थानीय स्तर पर ही साफ हो जाएगा।
प्रोजेक्ट की फंडिंग और समय सीमा क्या है?
इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 860 करोड़ रुपये का बजट केंद्र सरकार की AMRUT योजना के तहत दिया जाएगा। इस रकम में प्लांट बनाने के साथ-साथ अगले 15 सालों तक उनके रखरखाव (Operation and Maintenance) का खर्च भी शामिल है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि जून 2027 तक शहर की कुल सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को बढ़ाकर 1,250 MGD किया जाए। इसके अलावा केशोपुर प्लांट की क्षमता भी 12 MGD से बढ़ाकर 18 MGD की जा रही है।
यमुना की मौजूदा हालत और चुनौतियां
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में हर दिन 992 MGD से ज्यादा सीवेज पैदा होता है, लेकिन इसे साफ करने की क्षमता सिर्फ 814 MGD है। इस वजह से भारी मात्रा में बिना ट्रीटमेंट वाला गंदा पानी यमुना में जा रहा है। नदी में गंदगी का स्तर तय सीमा से 620 गुना ज्यादा पाया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी ने भी नदी की सफाई के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने की सलाह दी है ताकि अलग-अलग राज्यों के प्रयास एक साथ मिल सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नजफगढ़ इलाके में कितने नए सीवेज प्लांट लग रहे हैं और इनकी लागत क्या है?
नजफगढ़ इलाके में कुल 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTPs) लगाए जा रहे हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 860 करोड़ रुपये है।
इन प्लांट से कितने लोगों को लाभ मिलेगा?
इन प्लांट से बाहरी दिल्ली के गांवों और 120 अनधिकृत कॉलोनियों के करीब सात लाख से ज्यादा निवासियों को लाभ मिलेगा।