Delhi में यमुना को साफ करने के लिए बनेंगे 15 नए ट्रीटमेंट प्लांट, 20 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

Delhi: यमुना नदी में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी जाने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में 15 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) लगाए जाएंगे, जिसके लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये के कॉन्ट्र

Delhi: यमुना नदी में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी जाने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में 15 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) लगाए जाएंगे, जिसके लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं। दिल्ली जल बोर्ड की मीटिंग के बाद जल मंत्री परवेश साहब सिंह ने इस पूरी योजना की जानकारी दी।

इन नए प्लांटों के लगने से शहर की गंदा पानी साफ करने की क्षमता 103.5 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) बढ़ जाएगी। अभी दिल्ली में कुल 28 ऐसे प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे कुल क्षमता 814 MGD से बढ़कर 1,041 MGD हो जाएगी। इसका मतलब है कि अब दिल्ली में रोजाना निकलने वाले करीब 1,000 MGD गंदे पानी को साफ किया जा सकेगा।

यह पूरा प्रोजेक्ट 21 महीने में पूरा होगा। इससे खासकर उन इलाकों के करीब 20 लाख लोगों को फायदा होगा जो अनधिकृत कॉलोनियों में रहते हैं या जहां सीवर नेटवर्क सही नहीं है। ये प्लांट आबादी के करीब लगाए जाएंगे ताकि लंबे पाइप बिछाने की जरूरत न पड़े और काम तेजी से हो सके।

प्रोजेक्ट का नाम मुख्य विवरण
नए DSTP 15 प्लांट, क्षमता 103.5 MGD
कुल क्षमता 814 MGD से बढ़कर 1,041 MGD होगी
समय सीमा 21 महीने में पूरा होगा काम
फायदा 20 लाख निवासियों को राहत
बजट लगभग 2,000 करोड़ रुपये
अन्य काम 10 प्लांट में स्लज मैनेजमेंट और ड्रेन ट्रीटमेंट

इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड ने दिल्ली गेट और najafgarh ड्रेन के ट्रीटमेंट को भी मंजूरी दी है ताकि यमुना में गिरने वाला पानी साफ हो। अब प्लांट चलाने वालों को पेमेंट पानी की क्वालिटी के आधार पर दी जाएगी। साथ ही, सरकार 58 करोड़ रुपये की लागत से शहर में 250 वॉटर एटीएम लगाएगी, जिनकी शुरुआत सरकारी स्कूलों से होगी। IIT Roorkee मुनक रेगुलेटर से हैदरपुर तक मुख्य पानी की लाइन के लिए स्टडी भी करेगी।

यह पूरा अभियान केंद्र सरकार के उस लक्ष्य का हिस्सा है जिसमें गृह मंत्री अमित शाह ने 2028 तक दिल्ली की सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को 1,500 MGD तक ले जाने का निर्देश दिया था।