Delhi: दिल्ली के गाजीपुर इलाके में पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े को पकड़ा है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गढ़ौली गांव में छापेमारी कर नकली इंजन ऑयल बनाने वाली एक यूनिट को पकड़ा। यहां नामी कंपनियों के नाम पर घटिया तेल बेचा जा र
Delhi: दिल्ली के गाजीपुर इलाके में पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े को पकड़ा है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गढ़ौली गांव में छापेमारी कर नकली इंजन ऑयल बनाने वाली एक यूनिट को पकड़ा। यहां नामी कंपनियों के नाम पर घटिया तेल बेचा जा रहा था। पुलिस ने मौके से करीब 700 लीटर नकली तेल और पैकिंग का सामान बरामद किया है।
कैसे चलता था यह नकली तेल का धंधा?
डीसीपी (क्राइम) पंकज कुमार ने बताया कि आरोपी खुले बाजार से सस्ता तेल खरीदते थे। इसके बाद वे उस तेल को Castrol, Yamaha, Hero और Bajaj जैसे बड़े ब्रांड्स की खाली बोतलों में भरते थे। ऊपर से नकली स्टिकर और कूपन लगाकर उन्हें असली जैसा दिखाते थे और फिर बाजार में सप्लाई कर देते थे। जांच में पता चला कि यह काम पिछले एक साल से ज्यादा समय से चल रहा था।
छापेमारी में क्या-क्या सामान मिला
| बरामद सामान |
मात्रा/विवरण |
| नकली इंजन ऑयल (कैन) |
28 कैन (20 लीटर वाले) |
| नकली इंजन ऑयल (बोतल) |
140 बोतल (1 लीटर वाली) |
| खाली बोतलें |
550 से ज्यादा |
| उपकरण |
सीलिंग मशीन, ड्रम, फ़नल, फ़िल्टर जाल |
| अन्य सामग्री |
नकली स्टिकर और कूपन |
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या है उनका बैकग्राउंड
पुलिस ने इस मामले में राकेश कुमार छाबड़ा (52) और कुलदीप सिंह (52) को गिरफ्तार किया है। राकेश पहले कपड़ों का काम करते थे, लेकिन कोविड के समय उनका बिजनेस बंद हो गया था। वहीं कुलदीप सिंह पहले ट्रक चलाते थे, पर सेहत खराब होने की वजह से उन्होंने वह काम छोड़ दिया और इस गिरोह से जुड़ गए। पुलिस ने एफआईआर नंबर 88/26 के तहत केस दर्ज कर लिया है और अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की तलाश की जा रही है।