Delhi: राजधानी दिल्ली के मध्य इलाकों में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। ITO, दरियागंज और कश्मीरी गेट जैसे इलाकों में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव को रोकने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। करीब 40 साल से बंद पड़े द
Delhi: राजधानी दिल्ली के मध्य इलाकों में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। ITO, दरियागंज और कश्मीरी गेट जैसे इलाकों में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव को रोकने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। करीब 40 साल से बंद पड़े दिल्ली गेट ड्रेन को खोलकर उसकी गहरी सफाई की जा रही है ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके।
दिल्ली गेट ड्रेन की सफाई से क्या होगा फायदा
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली गेट ड्रेन के 400 मीटर हिस्से को कंक्रीट स्लैब से ढका गया था, जिसे अब खोल दिया गया है। इस ड्रेन की सफाई का काम 70% से ज्यादा पूरा हो चुका है और अब तक 21,000 मीट्रिक टन से ज्यादा गाद (silt) निकाली जा चुकी है। इससे 2023 जैसी गंभीर बाढ़ और जलभराव की स्थिति दोबारा नहीं बनेगी।
शहर के अन्य नालों की सफाई का क्या है अपडेट
मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि मार्च तक शहर के नालों से लगभग 14 लाख मीट्रिक टन गाद निकाली जा चुकी है। बारापूला ड्रेन के पास निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि इस साल गाद निकालने के लक्ष्य को और बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा Najafgarh ड्रेन में ‘मिशन साहिबी’ के तहत सफाई का काम प्राथमिकता पर है क्योंकि वहां सर्वे में 91 लाख क्यूबिक मीटर गाद पाई गई थी।
सफाई अभियान से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| प्रोजेक्ट/नाला |
खास अपडेट |
| Delhi Gate Drain |
40 साल बाद खुला, 21,000 टन गाद निकली |
| Najafgarh Drain |
मिशन साहिबी के तहत सफाई जारी |
| Wazirabad Pondage |
25.79 करोड़ की लागत से ड्रेजिंग का काम |
| MCD ड्रेन |
800 नालों से 1.7 लाख टन गाद निकाली |
| Yamuna River |
क्षमता बढ़ाने के लिए NGT से अनुमति मांगी जाएगी |