Delhi: दिल्ली में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 225 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया है। विभाग के मुताबिक, यह करीब 91.15 हेक्टेयर जमीन है जिसे वित्तीय वर्ष 2019-20 से अब तक के अलग-अलग अभियानों के द
Delhi: दिल्ली में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 225 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया है। विभाग के मुताबिक, यह करीब 91.15 हेक्टेयर जमीन है जिसे वित्तीय वर्ष 2019-20 से अब तक के अलग-अलग अभियानों के दौरान वापस लिया गया है। पर्यावरण मंत्रालय ने लक्ष्य रखा है कि अगले दो वर्षों में दिल्ली के जंगलों से सभी अवैध कब्जों को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इस अभियान के तहत दिल्ली के दक्षिणी और पश्चिमी वन मंडलों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
किन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा कार्रवाई?
वन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी सफलता दक्षिणी दिल्ली के इलाकों में मिली है। यहां अकेले करीब 190 एकड़ जमीन को अवैध कब्जों से खाली कराया गया है। विभाग अब इन खाली कराई गई जमीनों की बाड़ लगाने और वहां फिर से हरियाली विकसित करने के लिए पौधारोपण की तैयारी कर रहा है।
- दक्षिणी जिले में सबसे अधिक 190 एकड़ भूमि खाली कराई गई।
- यह अभियान साल 2019-20 से लगातार जारी है।
- राजस्व विभाग के साथ मिलकर जमीनों की सीमा तय की जा रही है।
- जमीनों को कब्जों से मुक्त कराकर वहां सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के क्या हैं सख्त निर्देश?
दिल्ली के रिज एरिया और वन क्षेत्रों को बचाने के लिए देश की अदालतों ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड को वैधानिक दर्जा देने और रिज क्षेत्रों से हर हाल में अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है। वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने जौनपुर और डेरा मंडी जैसे इलाकों में अवैध निर्माणों पर तुरंत एक्शन लेने को कहा है।
अक्टूबर 2025 में सरकार ने एक अहम राजपत्र अधिसूचना जारी की थी, जिसमें दक्षिणी रिज के 4,080 हेक्टेयर इलाके को आरक्षित वन घोषित कर दिया गया था। एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर कोई भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा और वन विभाग को मार्च 2025 तक की पूरी प्रगति रिपोर्ट भी सौंपने को कहा गया है। विभाग अब अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर इन जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है।