Delhi: दिल्ली के सेंट्रल रिज (Central Ridge) को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली वन विभाग ने दीमकों को मारने के लिए जारी किए गए टेंडर को वापस ले लिया है।
Delhi: दिल्ली के सेंट्रल रिज (Central Ridge) को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली वन विभाग ने दीमकों को मारने के लिए जारी किए गए टेंडर को वापस ले लिया है। इस टेंडर में जहरीले केमिकल्स के इस्तेमाल की बात कही गई थी, जिससे पर्यावरण को खतरा हो सकता था।
वन विभाग ने टेंडर में क्या बदलाव किए
वन विभाग ने 18 अप्रैल 2026 को एक सुधार पत्र (corrigendum) जारी किया। इसमें स्पष्ट किया गया कि अब पौधों में क्लोरपायरीफॉस (Chlorpyriphos) और लिंडेन (Lindane) जैसे जहरीले रसायनों का इस्तेमाल नहीं होगा। विभाग ने साफ कहा है कि अब से रिज के इलाके में केवल इको-फ्रेंडली और टिकाऊ तरीकों से ही काम किया जाएगा ताकि प्रकृति को कोई नुकसान न पहुंचे।
एक्सपर्ट्स ने क्यों जताई थी चिंता
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना था कि रिज शहर के ‘फेफड़ों’ की तरह है और यहाँ केमिकल डालना गलत है। उन्होंने बताया कि दीमक असल में मिट्टी की सेहत बताते हैं और जंगल के इकोसिस्टम के लिए जरूरी होते हैं। जहरीले रसायनों से मिट्टी के अच्छे बैक्टीरिया और कवक खत्म हो सकते थे, जिससे पक्षियों और जानवरों के लिए भी खतरा बढ़ जाता।
टेंडर की मुख्य बातें और समय सीमा
| विवरण |
तारीख/जानकारी |
| टेंडर जारी होने की तारीख |
11 मार्च 2026 |
| TOI की रिपोर्ट और टेंडर वापसी |
18-19 अप्रैल 2026 |
| प्रतिबंधित रसायन |
Chlorpyriphos और Lindane |
| नया नियम |
केवल इको-फ्रेंडली तरीके अपनाए जाएंगे |