Delhi: राजधानी दिल्ली के उन खाली और उपेक्षित इलाकों की सूरत बदलने वाली है जो फ्लाईओवरों के नीचे पड़े रहते हैं। दिल्ली सरकार ने इन जगहों को साफ-सुथरा, हरा-भरा और लोगों के काम आने वाले पब्लिक स्पेस में बदलने के लिए एक समझौ
Delhi: राजधानी दिल्ली के उन खाली और उपेक्षित इलाकों की सूरत बदलने वाली है जो फ्लाईओवरों के नीचे पड़े रहते हैं। दिल्ली सरकार ने इन जगहों को साफ-सुथरा, हरा-भरा और लोगों के काम आने वाले पब्लिक स्पेस में बदलने के लिए एक समझौता (MoU) किया है। इस पहल से शहर की खूबसूरती बढ़ेगी और आम लोगों को बैठने व टहलने के लिए सुरक्षित जगह मिलेगी।
कौन सी कंपनियां करेंगी किन फ्लाईओवरों का काम
इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के जरिए पूरा किया जाएगा, जिसमें प्राइवेट कंपनियां अपने CSR फंड से काम करेंगी। जिम्मेदारी का बंटवारा इस तरह किया गया है:
| कंपनी का नाम |
फ्लाईओवर स्ट्रेच |
| Dalmia Bharat Limited |
Oberoi, Lodhi और Mangi Setu (Hanuman Setu) |
| Godrej Industries Group |
Netaji Subhash Place (NSP) |
| EaseMyTrip Foundation |
Apsara Border और Mayur Vihar Phase-1 |
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी आम जनता को
PWD मंत्री Parvesh Sahib Singh ने बताया कि इन जगहों को सुंदर बनाने से शहर की दिखावट सुधरेगी और ये इलाके सुरक्षित होंगे। प्रोजेक्ट के तहत यहां कई बदलाव किए जाएंगे:
- साफ-सुथरे और व्यवस्थित फुटपाथ बनाए जाएंगे।
- वर्टिकल गार्डन के जरिए हरियाली बढ़ाई जाएगी।
- बेहतर लाइटिंग और बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी।
- Hanuman Setu पर रामायण से जुड़ी तस्वीरें और कलाकृतियां लगाई जाएंगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है
Chief Minister Rekha Gupta के मुताबिक, इस कदम का मकसद आधुनिक विकास और सांस्कृतिक पहचान के बीच तालमेल बिठाना है। सरकार चाहती है कि शहर के बेकार पड़े हिस्सों का सही इस्तेमाल हो ताकि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन में मदद मिले। इस पूरे काम को अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा और अधिकारी समय-समय पर इसकी निगरानी करेंगे।