Delhi: राजधानी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक खास कार्यक्रम हुआ, जहाँ Adi Vidya Foundation ने भारत का पहला Spiritual Science Curriculum लॉन्च किया। यह पहल स्कूलों में बच्चों के मानसिक विकास और आंतरिक मजबूती के ल
Delhi: राजधानी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक खास कार्यक्रम हुआ, जहाँ Adi Vidya Foundation ने भारत का पहला Spiritual Science Curriculum लॉन्च किया। यह पहल स्कूलों में बच्चों के मानसिक विकास और आंतरिक मजबूती के लिए शुरू की गई है। इस कार्यक्रम का मकसद बच्चों को केवल किताबी ज्ञान और परीक्षा के नतीजों तक सीमित न रखकर उन्हें जीवन की गहरी समझ देना है।
इस नए पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस करिकुलम का मकसद बच्चों में self-awareness और भावनात्मक मजबूती (emotional resilience) को बढ़ाना है। इसे किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखा गया है, बल्कि यह एक ऐसा ढांचा है जिससे बच्चे तनाव झेलना और सही मूल्यों के साथ सोचना सीख सकें। यह पूरी योजना National Education Policy 2020 के दिशा-निर्देशों पर आधारित है ताकि शिक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।
SQ, IQ और EQ में क्या अंतर होगा?
Adi Vidya Foundation के फाउंडर Shantanu Prakash ने बताया कि अब तक स्कूलों में केवल IQ (बुद्धि) और EQ (भावनात्मक समझ) पर ध्यान दिया जाता था। अब इस नए कोर्स के जरिए Spiritual Quotient (SQ) को भी उतनी ही अहमियत दी जाएगी। इसका लक्ष्य ऐसे इंसान तैयार करना है जो दयालु हों, जागरूक हों और जीवन की मुश्किलों का सामना मजबूती से कर सकें।
कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
इस नेशनल कॉन्फ्रेंस में कई बड़े नाम शामिल हुए, जिनमें Gauranga Prabhu Das ji, Pundrik Goswami Ji Maharaj, Renuka Goswami Ji, Swamini Pramanandi Ji और Dr R Balasubramaniam जैसे विशेषज्ञ थे। साथ ही Himanshu Gupta IAS और Veditha Reddy IAS जैसे अधिकारियों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस पूरे आयोजन में The Millennium Schools Group ने सहयोग किया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यह कोर्स किसी खास धर्म से जुड़ा है?
नहीं, यह करिकुलम किसी धर्म या संप्रदाय से नहीं जुड़ा है। इसे आंतरिक विकास और मानसिक मजबूती के एक फ्रेमवर्क के रूप में तैयार किया गया है।
इस पाठ्यक्रम में बच्चों को क्या सिखाया जाएगा?
इसमें बच्चों को आत्म-जागरूकता, भावनात्मक मजबूती, मूल्यों पर आधारित सोच और मानसिक कल्याण (inner well-being) के बारे में सिखाया जाएगा।