Delhi में पहली तेज बारिश से गर्मी और प्रदूषण से मिली राहत, कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम

Delhi: राजधानी दिल्ली में मॉनसून की पहली तेज बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और प्रदूषण से निजात दिलाई है। 8 और 9 जुलाई को हुई भारी बारिश से जहां मौसम खुशनुमा हुआ, वहीं शहर के कई हिस्सों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्य

Delhi: राजधानी दिल्ली में मॉनसून की पहली तेज बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और प्रदूषण से निजात दिलाई है। 8 और 9 जुलाई को हुई भारी बारिश से जहां मौसम खुशनुमा हुआ, वहीं शहर के कई हिस्सों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आईं। इस बारिश ने दिल्ली सरकार की मॉनसून तैयारियों की कड़ी परीक्षा ली है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 9 जुलाई को सफदरजंग मौसम केंद्र पर 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि उत्तरपूर्वी दिल्ली के तुखमीरपुर में सबसे ज्यादा 160 मिमी वर्षा हुई। इस भारी बारिश के कारण दिल्ली और गाजियाबाद में चार लोगों की मौत की खबर है, जिसमें समयपुर बादली में एक 7 साल के बच्चे और गाजियाबाद में एक 3 साल की बच्ची की डूबने से मौत शामिल है। इसके अलावा रणजीत नगर में एक चलती कार पर पेड़ गिरने की घटना भी हुई।

ट्रैफिक की बात करें तो गुरुग्राम के दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर के पास सड़क धंसने से करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दिल्ली के सदर बाजार, तेलीवाड़ा और किराड़ी के प्रताप विहार जैसे इलाकों में सड़कों पर एक फुट तक पानी भर गया। हालांकि, मिंटो ब्रिज और किशनगंज अंडरपास जैसे पुराने हॉटस्पॉट पर स्थिति नियंत्रण में रही।

मुख्य बिंदु विवरण
सबसे अधिक बारिश तुखमीरपुर (160 मिमी)
वायु गुणवत्ता (AQI) तीन साल में पहली बार ‘अच्छा’ स्तर
IMD अलर्ट 10 जुलाई के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
सरकारी दावा 169 हॉटस्पॉट में से अधिकांश पर स्थिति नियंत्रित
निकाली गई गाद करीब 50 लाख मीट्रिक टन
लगाए गए पंप 750 से अधिक स्वचालित पंप

दिल्ली सरकार के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा का कहना है कि बेहतर तैयारियों की वजह से मुख्य हॉटस्पॉट पर जलभराव नहीं हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस संबंध में समीक्षा बैठक की और ‘फ्लड कंट्रोल ऑर्डर-2026’ के तहत सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। PWD ने नियम बनाया है कि अगर किसी अंडरपास में पानी 8 इंच से ज्यादा होता है, तो तुरंत रास्ता बदल दिया जाएगा।