Delhi: राजधानी दिल्ली में आगजनी की घटनाओं के बीच फायर ब्रिगेड की बदहाली सामने आई है। DDMA के एक दस्तावेज के मुताबिक, दिल्ली की 3.3 करोड़ से ज्यादा की आबादी के लिए सिर्फ 71 फायर स्टेशन हैं। इसका मतलब है कि एक फायर स्टेशन
Delhi: राजधानी दिल्ली में आगजनी की घटनाओं के बीच फायर ब्रिगेड की बदहाली सामने आई है। DDMA के एक दस्तावेज के मुताबिक, दिल्ली की 3.3 करोड़ से ज्यादा की आबादी के लिए सिर्फ 71 फायर स्टेशन हैं। इसका मतलब है कि एक फायर स्टेशन पर करीब 4.6 लाख लोगों की जिम्मेदारी है, जो सुरक्षा के लिहाज से बहुत चिंताजनक है। हाल ही में मालवीय नगर में हुए हादसे में 22 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद LG तरनजीत सिंह संधू ने इस गंभीर मुद्दे पर बैठक की।
दिल्ली में फायर सर्विस की मौजूदा स्थिति क्या है?
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) फिलहाल भारी स्टाफ की कमी से जूझ रही है। विभाग में करीब 2,500 कर्मचारी हैं, जबकि जरूरत 9,123 कर्मियों की है। करीब 72.5% पद खाली पड़े हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बहुत बढ़ गया है। शहर में हर साल 250 से 300 लोग आग लगने की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं और साल भर में 20,000 से ज्यादा कॉल आते हैं।
सुरक्षा मानकों में कितनी कमी है?
ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड के हिसाब से हर 50,000 लोगों पर एक फायर स्टेशन होना चाहिए, लेकिन दिल्ली में यह आंकड़ा 4.6 लाख है। दिल्ली की घनी आबादी और अनधिकृत कॉलोनियों की वजह से आग तेजी से फैलती है और दमकल गाड़ियों को पहुंचने में समय लगता है। अक्सर रिस्पॉन्स टाइम 4 मिनट की समय सीमा से ज्यादा हो जाता है, जिससे नुकसान बढ़ जाता है।
LG और सरकार ने क्या कदम उठाने को कहा?
LG तरनजीत सिंह संधू ने फायर विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई और कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की ACR ग्रेडिंग पर असर पड़ेगा। उन्होंने मैनपावर की कमी को पूरा करने के लिए रिटायर्ड आर्मी कर्मियों (ex-Agniveers) को भर्ती करने का सुझाव दिया। वहीं, गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार अगले कुछ सालों में स्टाफ और मशीनों की कमी को पूरा करेगी। साथ ही, मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स में दिल्ली फायर सर्विस एक्ट 2007 की धारा 32 को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में एक फायर स्टेशन कितनी आबादी को कवर कर रहा है?
DDMA के दस्तावेज के अनुसार, दिल्ली में 3.3 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए केवल 71 फायर स्टेशन हैं, जिसका अर्थ है कि एक स्टेशन लगभग 4.6 लाख निवासियों की सेवा कर रहा है।
फायर विभाग में स्टाफ की कितनी कमी है?
दिल्ली फायर सर्विस में कुल 9,123 कर्मियों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल 2,500 कर्मी कार्यरत हैं। विभाग में करीब 72.5% पदों की कमी है।