Delhi: राजधानी दिल्ली में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के 100 ऐसे इलाकों की पहचान की गई है जहां आग लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। यह फैसला मालवीय नगर के एक होटल
Delhi: राजधानी दिल्ली में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के 100 ऐसे इलाकों की पहचान की गई है जहां आग लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। यह फैसला मालवीय नगर के एक होटल में हुई भीषण आग की त्रासदी के बाद लिया गया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में दमकल की गाड़ियां जल्द से जल्द मौके पर पहुंच सकें।
किन इलाकों को बनाया गया हॉटस्पॉट और क्या होगी तैयारी
DFS ने पिछले पांच सालों के डेटा का विश्लेषण करके इन 100 हॉटस्पॉट को चुना है। इनमें चांदनी चौक, गांधी नगर, बवाना, नरेला, बुराड़ी, आदर्श नगर, मोती नगर और डिफेंस कॉलोनी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ए.के. मलिक के मुताबिक, अब इन क्षेत्रों में जरूरत के हिसाब से संसाधन तैनात किए जाएंगे। जैसे फैक्ट्रियों वाले इलाकों में बल्क फोम टेंडर और रिहायशी इलाकों में वॉटर बाउसर भेजे जाएंगे ताकि आग को तेजी से बुझाया जा सके।
होटल हादसे के बाद क्या बदलाव हुए और क्या हैं नए नियम
मालवीय नगर के ‘फ्लरिश स्टे’ होटल में लगी आग में 23 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद LG वी.के. सक्सेना ने सभी होटल, नर्सिंग होम और कोचिंग सेंटरों में एक महीने का फायर सेफ्टी अभियान चलाने का निर्देश दिया। दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख और घायलों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही, सरकार ने 2010 की ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) नीति को वापस ले लिया है। अब DFS ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि सभी इमारतों में स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य किया जाए, जिससे मौतों में 97% तक की कमी आ सकती है।
आधुनिक तकनीक और ट्रैफिक मैनेजमेंट का इस्तेमाल
आने वाले समय में दिल्ली फायर सर्विस एक ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप लॉन्च करेगी। इससे आम नागरिक अपने इलाके में आ रहे फायर टेंडर की लाइव लोकेशन ट्रैक कर सकेंगे। सभी दमकल वाहनों में GPS और कैमरे लगाए जाएंगे ताकि कंट्रोल रूम से बचाव कार्य की निगरानी हो सके। इसके अलावा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर AI आधारित सिस्टम पर काम किया जा रहा है, जिससे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को जाम से बचाकर तेजी से रास्ता मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में आग के हॉटस्पॉट वाले इलाकों में क्या खास सुविधा मिलेगी
इन 100 हॉटस्पॉट इलाकों में त्वरित प्रतिक्रिया वाहन (QRV) और विशेष फायर टेंडर तैनात किए जाएंगे। फैक्ट्रियों के लिए बल्क फोम टेंडर और रिहायशी इलाकों के लिए वॉटर बाउसर की व्यवस्था होगी।
स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम के लिए क्या नियम प्रस्तावित हैं
DFS ने प्रस्ताव दिया है कि सभी इमारतों में ये सिस्टम अनिवार्य हों। नई इमारतों में इसे तुरंत और पुरानी इमारतों में इसे लागू करने के लिए तीन साल का समय दिया जाएगा।