Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और सूखे मौसम की वजह से आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। दिल्ली के Chief Fire Officer (CFO) AK Malik ने बताया कि इस साल आग से होने वाली मौतों का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले काफी ज्य
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और सूखे मौसम की वजह से आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। दिल्ली के Chief Fire Officer (CFO) AK Malik ने बताया कि इस साल आग से होने वाली मौतों का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालात को देखते हुए अब शहर के हर घर में Smoke Detector लगाना अनिवार्य करने की मांग की गई है ताकि समय रहते खतरे का पता चल सके और जान बचाई जा सके।
घरों में Smoke Detector क्यों है जरूरी
CFO AK Malik के मुताबिक, अगर घरों में Smoke Detector लगे हों तो आग लगने की स्थिति में होने वाली मौतों को 97% तक कम किया जा सकता है। Delhi Fire Services (DFS) ने सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें नई इमारतों में Smoke Detector और Sprinkler सिस्टम को अनिवार्य करने की बात कही गई है। साथ ही पुरानी इमारतों को अगले तीन साल के भीतर अपडेट करने का सुझाव दिया गया है।
आग से होने वाली मौतों के डराने वाले आंकड़े
दिल्ली में आगजनी की घटनाओं और मौतों में पिछले दस सालों में भारी बढ़ोतरी हुई है। 2014-15 में जहां आग की कुल कॉल 23,242 थीं, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 36,568 हो गई हैं। मौतों का आंकड़ा भी 291 से बढ़कर 1,452 तक पहुंच गया है। हाल ही में विवेक विहार में 9 और मालवीय नगर के एक होटल में 21 लोगों की जान गई, जिसने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार और प्रशासन की क्या है तैयारी
दिल्ली के Lieutenant Governor ने पूरे शहर में एक महीने का फायर सेफ्टी ड्राइव चलाने का आदेश दिया है। Home Minister Ashish Sood ने साफ किया है कि जिन इमारतों के पास जरूरी फायर सेफ्टी परमिशन नहीं होगी, उन्हें सील कर दिया जाएगा। इसके अलावा, उन रिहायशी मकानों के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा जिन्हें DFS से NOC लेने की जरूरत नहीं होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Smoke Detector लगाने से क्या फायदा होगा
Chief Fire Officer के अनुसार, Smoke Detector आग लगने पर तुरंत अलर्ट देता है, जिससे समय रहते बाहर निकला जा सकता है और इससे आग से होने वाली मौतों को 97% तक कम किया जा सकता है।
दिल्ली में आग की घटनाओं में कितनी बढ़ोतरी हुई है
आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 में आग की कॉल 23,242 थीं जो 2024-25 में बढ़कर 36,568 हो गईं, जबकि मौतों की संख्या 291 से बढ़कर 1,452 तक पहुंच गई है।