Delhi: राजधानी के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद सरकार अब आम घरों की सुरक्षा को लेकर सख्त हो रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की सरकार अब दिल्ली के हर घर में फायर सेफ्टी नियम लागू करने की तैयारी में है। इस नए फै
Delhi: राजधानी के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद सरकार अब आम घरों की सुरक्षा को लेकर सख्त हो रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की सरकार अब दिल्ली के हर घर में फायर सेफ्टी नियम लागू करने की तैयारी में है। इस नए फैसले का मकसद शहर में आग से होने वाले हादसों और जान-माल के नुकसान को कम करना है।
हर घर में कौन से 4 काम होंगे जरूरी
Delhi के गृह मंत्री Ashish Sood ने बताया कि सरकार अब बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव कर रही है। अब केवल ऊंची इमारतों में ही नहीं, बल्कि सामान्य घरों, गेटेड सोसायटियों और रेजिडेंशियल कॉलोनियों में भी सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य होगा। इसके तहत मुख्य रूप से स्मोक डिटेक्टर, फायर एक्सटिंगुइशर (अग्निशमन यंत्र) और हाइड्रेंट जैसे इंतजाम करने होंगे। Delhi Fire Services (DFS) ने हर घर में स्मोक डिटेक्टर लगाने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है, जिस पर जल्द ही कैबिनेट की मुहर लग सकती है।
15 मीटर से छोटी इमारतों का क्या होगा नियम
अब तक दिल्ली में केवल 15 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए ही फायर NOC और सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी था। लेकिन मालवीय नगर के Flourish Stay B&B हादसे के बाद नियमों को बदला जा रहा है। अब 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों को भी फायर सेफ्टी के दायरे में लाया जाएगा। इसका मतलब है कि छोटे मकान और कम मंजिला इमारतें भी अब इन नियमों से नहीं बच पाएंगी और उन्हें सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा।
मालवीय नगर हादसे के बाद लिया गया फैसला
3 जून 2026 को मालवीय नगर में हुए हादसे में 23 लोगों की जान गई थी, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे। जांच में सामने आया कि उस होटल के पास जरूरी फायर NOC नहीं था और हादसा सिलेंडर ब्लास्ट की वजह से हुआ। इस घटना के बाद LG ने होटलों और नर्सिंग होम का ऑडिट शुरू करवाया था। अब इसी तर्ज पर सरकार आम रिहायशी इलाकों में भी सुरक्षा तंत्र मजबूत करने जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के घरों के लिए नए फायर सेफ्टी नियमों में क्या अनिवार्य होगा
सरकार अब घरों में स्मोक डिटेक्टर, फायर एक्सटिंगुइशर और हाइड्रेंट जैसे उपकरणों को अनिवार्य बनाने की योजना बना रही है, ताकि आग लगने की स्थिति में समय पर पता चल सके।
क्या छोटे मकानों को भी फायर NOC की जरूरत होगी
हां, सरकार बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन कर रही है जिससे 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतें भी फायर सेफ्टी नियमों के दायरे में आ जाएंगी, जो पहले इससे बाहर थीं।