Delhi: राजधानी में गर्मी बढ़ते ही आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ गई हैं। साल 2026 के पहले चार महीनों में दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को 7,800 से ज्यादा कॉल मिलीं, जो पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा हैं। सबसे ज्यादा खत
Delhi: राजधानी में गर्मी बढ़ते ही आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ गई हैं। साल 2026 के पहले चार महीनों में दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को 7,800 से ज्यादा कॉल मिलीं, जो पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा हैं। सबसे ज्यादा खतरा अप्रैल के महीने में देखा गया, जहां कुल घटनाओं का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी महीने में दर्ज हुआ।
आग लगने की घटनाओं के मुख्य कारण और आंकड़े
अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ती गर्मी के कारण लोग AC और बिजली के उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पुराने बिजली के तारों पर लोड बढ़ गया है और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ी हैं। DFS के आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी से 27 अप्रैल तक कुल 7,801 कॉल आईं। अप्रैल में हर दिन औसतन 120 कॉल आ रही हैं, जबकि पहले यह संख्या 70-80 थी। कुछ बहुत गर्म दिनों में तो यह आंकड़ा 200 तक भी पहुंच गया।
सुरक्षा इंतजाम और सरकार का एक्शन प्लान
पालम में हुई दुखद आग की घटना के बाद गृह मंत्री आशीष सूद ने पूरे शहर में अग्नि सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए हैं। इसमें रिहायशी इलाकों में चल रहे बिजनेस और दुकानों की जांच होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट 2026-27 में फायर विभाग के लिए 674 करोड़ रुपये दिए हैं, जिससे नए फायर स्टेशन और 26 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहन (QRVs) खरीदे जाएंगे। इसके अलावा, अस्पतालों में भी सुरक्षा निरीक्षण के आदेश जारी किए गए हैं।
स्कूलों और इमारतों की सुरक्षा की स्थिति
एक चिंताजनक खबर यह है कि दिल्ली के करीब 35 प्रतिशत स्कूल अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने के लिए ‘अग्नि सेवा सप्ताह’ भी मनाया। नियमों के मुताबिक, गैर-आवासीय इमारतों और स्कूलों के लिए फायर NOC लेना जरूरी है, जो तीन साल के लिए मान्य होती है। DFS के अधिकारियों ने बताया कि 80 प्रतिशत से ज्यादा आग की घटनाएं खराब वायरिंग और बिजली के दोषों की वजह से होती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में आग की घटनाओं में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
बढ़ती गर्मी के कारण AC और बिजली के उपकरणों का अधिक उपयोग हो रहा है, जिससे पुराने बिजली ढांचे पर लोड बढ़ता है और शॉर्ट सर्किट होता है। शुष्क मौसम भी आग को तेजी से फैलाने में मदद करता है।
दिल्ली सरकार ने फायर विभाग के लिए कितना बजट आवंटित किया है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 के बजट में अग्निशमन विभाग के लिए ₹674 करोड़ आवंटित किए हैं, जो पिछले साल के ₹530 करोड़ से अधिक है।