Delhi: दिल्ली की ऊंची इमारतों और तंग गलियों में आग लगने पर अब राहत मिलेगी। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) अपनी तैयारी को मजबूत कर रहा है और 50 मंजिल से ज्यादा ऊंची इमारतों के लिए खास फायर टेंडर और सीढ़ियां खरीद रहा है। इसका मक
Delhi: दिल्ली की ऊंची इमारतों और तंग गलियों में आग लगने पर अब राहत मिलेगी। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) अपनी तैयारी को मजबूत कर रहा है और 50 मंजिल से ज्यादा ऊंची इमारतों के लिए खास फायर टेंडर और सीढ़ियां खरीद रहा है। इसका मकसद शहर में बढ़ते हाई-राइज टावरों में किसी भी हादसे के वक्त तेजी से एक्शन लेना है।
नई मशीनों और गाड़ियों से क्या बदलेगा
फायर विभाग अब ऐसे खास टेंडर ला रहा है जो 200 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच सकेंगे। इनमें फोम सिस्टम और कंप्रेसर लगे होंगे, जिससे 50 मंजिल तक की आग को आसानी से काबू किया जा सकेगा। इसके अलावा 15 से 22 मीटर वाली टर्नटेबल लैडर और 55 मीटर व 42 मीटर वाली सीढ़ियां भी खरीदी जाएंगी, जो 360 डिग्री घूम सकती हैं। विभाग 90 मीटर की लिफ्ट भी लाने की योजना बना रहा है, जिससे 30 मंजिल तक पहुंच आसान होगी।
तंग गलियों और ट्रैफिक के लिए क्या इंतजाम हैं
दिल्ली की भीड़भाड़ वाली जगहों के लिए मोटरसाइकिल आधारित फर्स्ट रिस्पोंडर्स तैनात किए जा रहे हैं, जो पानी और फोम सिलेंडर लेकर तुरंत मौके पर पहुंचेंगे। साथ ही 50 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल और 4 अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू टेंडर भी जोड़े जाएंगे। ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और फायर सर्विस ने मिलकर एक रणनीति बनाई है, ताकि इमरजेंसी गाड़ियों को रास्ता मिल सके।
बजट और मास्टर प्लान की पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 504 करोड़ रुपये के बजट में से 125 करोड़ रुपये नए उपकरणों के लिए दिए हैं। सरकार ने अगले 25 साल के लिए एक फायरफाइटिंग मास्टर प्लान तैयार किया है। चीफ फायर ऑफिसर Abhilash Kumar Malik ने कहा है कि यह सारी खरीदारी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हो जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नई फायर गाड़ियां कितनी ऊंचाई तक पहुंच सकेंगी?
दिल्ली फायर विभाग अब ऐसे विशेष टेंडर खरीद रहा है जो 200 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच सकेंगे, जिससे 50 मंजिल तक की इमारतों में आग बुझाई जा सकेगी।
तंग गलियों में आग लगने पर क्या व्यवस्था होगी?
तंग गलियों के लिए मोटरसाइकिल आधारित फर्स्ट रिस्पोंडर्स और 50 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल तैनात किए जाएंगे, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेजी से पहुंचा जा सके।