Delhi: दिल्ली के घरों और इमारतों को आग से सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सरकार से सिफारिश की है कि अब शहर के हर घर, दुकान और पब्लिक बिल्डिंग में स्मोक डिटेक्टर और वॉटर स्
Delhi: दिल्ली के घरों और इमारतों को आग से सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सरकार से सिफारिश की है कि अब शहर के हर घर, दुकान और पब्लिक बिल्डिंग में स्मोक डिटेक्टर और वॉटर स्प्रिंकलर लगाना अनिवार्य कर दिया जाए। विभाग का मानना है कि अगर यह सिस्टम हर जगह होगा, तो आग से होने वाली मौतों को 97% तक कम किया जा सकता है।
क्यों जरूरी हुआ स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर लगाना?
यह फैसला हाल ही में हुए दो बड़े हादसों के बाद लिया गया है। 3 मई 2026 को विवेक विहार में लगी आग में 9 लोगों की जान गई थी, वहीं 3 जून 2026 को मालवीय नगर के एक होटल में भीषण आग लगी जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई। Chief Fire Officer अभिलाष मलिक ने बताया कि आजकल घरों में वेंटिलेशन कम है और सिंथेटिक सामान का इस्तेमाल ज्यादा होता है, जिसकी वजह से आग बहुत तेजी से फैलती है। पहले आग को काबू करने के लिए 15-17 मिनट मिलते थे, लेकिन अब यह समय घटकर सिर्फ 3-5 मिनट रह गया है।
नियम कैसे लागू होंगे और क्या मिलेगी राहत?
फायर डिपार्टमेंट ने इसे लागू करने के लिए एक प्लान बनाया है। नई बनने वाली इमारतों में ये सिस्टम तुरंत लगाना जरूरी होगा, जबकि पुरानी इमारतों को इसे लगाने के लिए 3 साल का समय दिया जाएगा। लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार हाउस टैक्स में छूट, सब्सिडी और अन्य वित्तीय मदद देने पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 साल का एक मास्टर प्लान तैयार करने का ऐलान किया है, जिससे इमरजेंसी रिस्पांस टाइम को कम किया जा सके और फायर सर्विस को और मजबूत बनाया जा सके।
सुरक्षा के लिए अन्य जरूरी कदम
सरकार ने MCD को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह अवैध निर्माणों को रोके और रास्तों से अतिक्रमण हटाए, ताकि आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बिना किसी रुकावट के मौके पर पहुंच सकें। वहीं, मालवीय नगर होटल हादसे की बारीकी से जांच के लिए IIT-Delhi से स्ट्रक्चरल एनालिसिस कराने की तैयारी है ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों से बचा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर लगाने के लिए कितना समय मिलेगा?
नई इमारतों में इसे तुरंत लगाना होगा, जबकि पुरानी इमारतों के मालिकों को इस सिस्टम को इंस्टॉल करने के लिए 3 साल तक का समय दिया जा सकता है।
क्या सरकार इस सिस्टम को लगाने के लिए कोई मदद देगी?
हाँ, दिल्ली फायर सर्विस ने सिफारिश की है कि जो लोग अपने घर या बिल्डिंग में ये सुरक्षा सिस्टम लगाएंगे, उन्हें हाउस टैक्स में छूट और सब्सिडी जैसी सुविधाएं दी जाएं।