Delhi: राजधानी दिल्ली में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और कोर्ट ने एक मिसाल पेश की है। बाहरी-उत्तरी दिल्ली में झपटमारी के एक मामले में पुलिस ने महज 72 घंटे में जांच पूरी की और 18वें दिन ही आरोपी को सजा सुना दी गई। भा
Delhi: राजधानी दिल्ली में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और कोर्ट ने एक मिसाल पेश की है। बाहरी-उत्तरी दिल्ली में झपटमारी के एक मामले में पुलिस ने महज 72 घंटे में जांच पूरी की और 18वें दिन ही आरोपी को सजा सुना दी गई। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत यह दिल्ली का संभवतः पहला मामला है जहां इतनी जल्दी न्याय प्रक्रिया पूरी हुई है।
जांच से सजा तक का सफर कितना तेज रहा
इस मामले में पुलिस और कोर्ट की रफ्तार काफी तेज दिखी। बाहरी-उत्तरी दिल्ली पुलिस ने वारदात के बाद केवल 72 घंटे के भीतर अपनी जांच पूरी कर ली थी। इसके बाद पांचवें दिन ही कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी गई। रोहिणी कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 18वें दिन ही दोषी को सजा सुना दी।
BNS की धारा 304 और झपटमारी का नया नियम
यह पूरा मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चलाया गया। इसमें धारा 304 का इस्तेमाल किया गया जो खास तौर पर झपटमारी के अपराध से जुड़ी है। पहले झपटमारी को चोरी के सामान्य नियमों में रखा जाता था, लेकिन अब इसे एक अलग और विशिष्ट अपराध माना गया है। इस नए नियम के तहत दोषी को तीन साल तक की कैद हो सकती है।
दिल्ली पुलिस की हालिया अन्य कार्रवाइयां
त्वरित न्याय के इस मामले के अलावा दिल्ली पुलिस ने अपराधों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस ने पिछले 48 घंटों के भीतर 481 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 90 किलो ड्रग्स, 130 पिस्तौल और 90 लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BNS की धारा 304 क्या है और इसमें कितनी सजा है
BNS की धारा 304 विशेष रूप से झपटमारी (Snatching) के अपराध से संबंधित है। यह इसे सामान्य चोरी से अलग एक विशिष्ट अपराध बनाती है और इसमें तीन साल तक की कैद का प्रावधान है।
इस मामले में सजा मिलने में कुल कितना समय लगा
इस मामले में पुलिस ने 72 घंटे में जांच पूरी की, पांचवें दिन चार्जशीट दाखिल की और रोहिणी कोर्ट ने 18वें दिन दोषी को सजा सुनाई।