Rajasthan: दौसा सदर थाना पुलिस ने एक बड़े एक्शन में नकली भारतीय मुद्रा बनाने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य गुलशन को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। यह आरोपी नकली नोटों को असली जैसा रूप देने और उनकी डिजाइन तैयार करने का काम करता
Rajasthan: दौसा सदर थाना पुलिस ने एक बड़े एक्शन में नकली भारतीय मुद्रा बनाने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य गुलशन को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। यह आरोपी नकली नोटों को असली जैसा रूप देने और उनकी डिजाइन तैयार करने का काम करता था। पुलिस ने यह गिरफ्तारी 6 जून, 2026 को दिल्ली के रोहिणी इलाके से की है।
नकली नोट गिरोह का नेटवर्क कैसे काम करता था
यह गिरोह बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था। सबसे पहले दिल्ली में नोटों की डिजाइन तैयार की जाती थी और फिर उन्हें अलग-अलग जिलों में सप्लाई किया जाता था। चौंकाने वाली बात यह है कि बाजार में इन नकली नोटों को चलवाने के लिए यह गिरोह छोटे बच्चों का इस्तेमाल करता था ताकि किसी को शक न हो।
अब तक की कार्रवाई और बरामद सामान
पुलिस ने इस पूरे रैकेट में अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की शुरुआत 28 मई, 2026 को हुई थी जब कोतवाली पुलिस ने नकली नोटों के साथ एक आरोपी को पकड़ा था। इसके बाद हरियाणा के फरीदाबाद से गिरोह के सरगना संतोष सिंह वाल्मीकि और विशाल उपाध्याय को पकड़ा गया।
| बरामद सामान |
विवरण |
| नकली नोट |
24.37 लाख रुपये |
| उपकरण |
लैपटॉप, प्रिंटर, वॉटरमार्क डाई |
| अन्य सामग्री |
विशेष कागज और स्याही |
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी गुलशन से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नोटों की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नकली नोट बनाने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी कौन है और उसे कहाँ से पकड़ा गया?
गिरोह का मुख्य सदस्य गुलशन (39 वर्ष) है, जिसे दौसा सदर थाना पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी स्थित जैन नगर, सेक्टर-38, कंझावला से गिरफ्तार किया है।
इस केस में पुलिस ने अब तक कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने इस नकली मुद्रा रैकेट के संबंध में अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें संतोष सिंह वाल्मीकि और विशाल उपाध्याय भी शामिल हैं।